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RASA2Zराजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — अध्याय 2

अध्याय 2 — स्वास्थ्य एवं कल्याण

राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — RASA2Z Study Material
विज़न 2047 | आयुष्मान योजनाएँ | स्वास्थ्य संकेतक | NHM | राष्ट्रीय कार्यक्रम

1विकसित राजस्थान 2047 के तहत स्वास्थ्य एवं कल्याण के लक्ष्य

वर्ष 2047 तक राजस्थान में सभी नागरिकों के लिए सुलभ, सुगम और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें एलोपैथिक और आयुष पद्धतियों का समेकित उपयोग होगा। लक्षित पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से एनीमिया व कुपोषण का उन्मूलन किया जाएगा। लक्ष्य — औसत आयु >77 वर्ष व शिशु मृत्यु दर 10 से कम (प्रति 1,000 जीवित जन्म)।

चिकित्सा स्वास्थ्य लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
जीवन प्रत्याशा (वर्ष)69.9>72.0>73.5>75.0>77.0
मातृ मृत्यु दर (MMR)87<70<52<35<15
शिशु मृत्यु दर (IMR)30<20<17<14<10
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) %88100100100100
आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर (OOPE) %37.1<15.0<12.5<10.080*
राज्य स्वास्थ्य सूचकांक रैंक16वाँशीर्ष 5शीर्ष 5शीर्ष 4शीर्ष 3
*मूल दस्तावेज़ में 2047 का OOPE लक्ष्य "80" अंकित है, जो पूर्ववर्ती घटते क्रम (37.1→15→12.5→10) से मेल नहीं खाता — यह संभवतः दस्तावेज़ में मुद्रण त्रुटि है (शायद "<8.0%" होना चाहिए)। पढ़ाते समय मूल स्रोत से पुनः verify करें।

आयुष लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
जिला आयुर्वेद अस्पताल3341प्रत्येक जिले में एकप्रत्येक जिले में एक
ब्लॉक स्तरीय आयुष अस्पताल84230265 → 300प्रत्येक ब्लॉक में एक
आयुर्वेद फार्मेसी567 (समेकित चरण)प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर एक
जिला होम्योपैथी अस्पताल1467प्रत्येक संभाग पर एक

चिकित्सा शिक्षा लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
मेडिकल कॉलेजों की स्थापना43505560+प्रत्येक जिला
एकीकृत चिकित्सा शिक्षण केंद्र2725% मेडिकल कॉलेज50% मेडिकल कॉलेजसभी मेडिकल कॉलेज
RIMS (क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान)-125% संभाग50% संभागसभी संभाग
शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान-123सभी संभाग
सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएँ15334050+सभी मेडिकल कॉलेज
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक47777
सुदृढ़ ट्रॉमा/आपातकालीन विंग15334050+सभी मेडिकल कॉलेज
कैंसर केयर उत्कृष्टता केंद्र1234सभी संभाग
मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन्स733414141
कैंसर देखभाल अवसंरचना6334150+सभी मेडिकल कॉलेज
मरीज़ों के डेटा का AI के साथ एकीकरण-334150+सभी मेडिकल कॉलेज
राजस्थान सरकार ने 'स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम, 2023' लागू किया है, जो हर नागरिक को कानूनी गारंटी देता है। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना' के तहत प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है। दिसंबर 2025 तक 6.52 करोड़ से ज़्यादा 'आभा' (ABHA) आईडी जारी हो चुकी हैं, 2.38 करोड़+ डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े हैं।

2राजस्थान बनाम भारत — मुख्य स्वास्थ्य संकेतकों की प्रवृत्ति

संकेतकराजस्थानभारत
2015-162019-212015-162019-21
नवजात मृत्यु दर (प्रति 1000)29.820.229.524.9
शिशु मृत्यु दर (प्रति 1000)41.330.340.735.2
5 वर्ष से कम मृत्यु दर (प्रति 1000)50.737.649.741.9
संस्थागत जन्म %8494.978.988.6
पूर्ण टीकाकरण %54.880.46276.4
कुल प्रजनन दर2.42.02.22.0
गर्भवती महिलाओं में एनीमिया %46.646.350.452.2
5 वर्ष से कम — कद में कम (stunted) %39.131.838.435.5
5 वर्ष से कम — दुबले (wasted) %2316.82119.3
5 वर्ष से कम — वजन में कम %36.727.635.832.1
शिशु मृत्यु दर (IMR): राजस्थान में 2015-16 के 41.3 से घटकर 2019-21 में 30.3 — अब राष्ट्रीय औसत (35.2) से कम, यानी देश के बाकी हिस्सों से बेहतर प्रगति। संस्थागत जन्म 84.0% से बढ़कर 94.9% — राष्ट्रीय औसत (88.6%) से अधिक।

मातृ मृत्यु दर की प्रगति (SRS डेटा)

MMR (प्रति लाख जीवित जन्म)राजस्थानभारत
2018-202021-232018-202021-23
MMR113869788

राजस्थान की MMR (86) अब राष्ट्रीय औसत (88) से भी कम है — माताओं के स्वास्थ्य पर बेहतर ध्यान देने का परिणाम।

3राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना

एलोपैथिक संस्थानसंख्या
अस्पताल267
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (2,534 ग्रामीण + 55 शहरी)2,589
उप-केंद्र15,292
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र832
मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र118
कुल बेड76,210
औषधालय183
शहरी आयुष्मान आरोग्य मन्दिर (NUHM के अंतर्गत)638

वर्तमान में राज्य में 7 होम्योपैथिक अस्पताल, 189 औषधालय, 60 एकल चिकित्सा इकाइयाँ, 83 राजकीय ब्लॉक आयुष अस्पताल, 225 ब्लॉक होम्योपैथिक औषधालय, 2 मोबाइल इकाइयाँ तथा 3 जिला आयुष अस्पताल कार्यरत हैं।

आयुर्वेद एवं अन्य संस्थाएं (दिसम्बर, 2025 तक)

संस्थासंख्या
आयुर्वेदिक अस्पताल127
आयुर्वेदिक औषधालय3575
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा औषधालय03
योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र33
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल03
सर्जिकल एंबुलेटरी थेरेपी यूनिट1
एंबुलेटरी थेरेपी इकाइयां13
आंचल प्रसूता केंद्र45
जरावस्था ज्ञान व्याधि निवारण केंद्र45
पंचकर्म केंद्र82
क्षारसूत्र केंद्र10
ब्लॉक आयुष अस्पताल86
मोबाइल इकाइयों14

यूनानी चिकित्सा प्रणाली विश्व स्तर पर सबसे पुरानी उपचार प्रणालियों में से एक है — राज्य में 12 चिकित्सालय, 119 औषधालय, 7 मोबाईल यूनिट व 142 जिला चिकित्सालय/CHC/PHC इकाइयों के साथ-साथ 102 सह आयुर्वेद संचालित इकाइयां व हिजामा थैरेपी के लिए 1 उत्कृष्टता केंद्र कार्यरत है।

शहरी PHC, CHC एवं UAAM की स्थिति

वर्तमान में 17 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 286 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 638 शहरी आयुष्मान आरोग्य मन्दिर संचालित हैं।

4सभी के लिए स्वास्थ्य — प्रमुख योजनाएँ

बीमा
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
पुराना नाम: मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना | प्रारंभ: 01 मई 2021 | नाम परिवर्तन: 19 फरवरी 2024

पात्र परिवार: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में सम्मिलित परिवार, सामाजिक-आर्थिक व जाति आधारित जनगणना में चिन्हित, छोटे व सीमान्त किसान, संविदाकर्मी, EWS, कोविड-19 अनुग्रह योजना के लाभार्थी, 70+ वर्ष के वरिष्ठ नागरिक। शेष आबादी ₹850/वर्ष/परिवार देकर जुड़ सकती है।

लाभ: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक कैशलेस उपचार — बीमा मोड में ₹5 लाख तक + ट्रस्ट मोड में ₹20 लाख तक। नए चरण में प्रीमियम ₹2,370/परिवार, 2,179 पैकेज कवर (2,002 बीमा मोड + 177 ट्रस्ट मोड)। कुल 1,819 पैकेज (1,761 बीमा मोड + 58 ट्रस्ट मोड)। अंग प्रत्यारोपण व कॉक्लियर इम्प्लांट भी शामिल। 132 नए पैकेज (सर्जरी, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष, जेरियाट्रिक) जोड़े गए। ~1.36 करोड़ परिवार पंजीकृत। अप्रैल 2025 से in-bound portability, दिसंबर 2025 से out-bound portability।

निःशुल्क दवा/जांच
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना
प्रारंभ: 01 अप्रैल 2022, SMS अस्पताल, जयपुर | सम्पूर्ण राज्य में लागू: 01 मई 2022

सभी राजकीय चिकित्सालयों में IPD/OPD मुफ्त। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एवं निःशुल्क जांच योजना के विस्तार के रूप में शुरू। सूची में 1,238 दवाइयाँ, 428 सर्जिकल वस्तुएं, 156 सूचर्स शामिल।

दुर्लभ रोग
मुख्यमंत्री बाल संबल योजना
प्रारंभ: जनवरी 2025

'मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सहायता योजना' के तहत दुर्लभ रोगों से पीड़ित बच्चों को ₹50 लाख तक मुफ्त इलाज + ₹5,000/माह अतिरिक्त सहायता। अब तक 224 बच्चे प्रमाणित।

कर्मचारी स्वास्थ्य
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS)
प्रारंभ: 01 जुलाई 2021

CGHS की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा। जन आधार से पंजीकरण। सभी सरकारी + 741+ निजी सूचीबद्ध अस्पताल + 3,748 फार्मा स्टोर + 39+ राज्य के बाहर अस्पताल। आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा भी शामिल। ~13.65 लाख परिवार कवर।

वरिष्ठ नागरिक
आयुष्मान वय वंदन योजना
प्रारंभ: 29 अक्टूबर 2024

70 वर्ष व उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख तक कैशलेस कवरेज।

सोनोग्राफी
MAA (मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य) वाउचर योजना
पायलट: 8 मार्च 2024 (बारां, भरतपुर, फलौदी) | कैबिनेट मंज़ूरी: 8 अगस्त 2024 | पूर्ण राज्य में: 17 सितम्बर 2024

जिन क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों में सोनोग्राफी सुविधा नहीं, वहाँ निजी केंद्रों पर 2री/3री तिमाही से निःशुल्क जांच। QR कोड आधारित ई-वाउचर, 30 दिन वैध, प्रसव काल में 2 बार निःशुल्क सोनोग्राफी।

मिलावट रोकथाम
शुद्ध आहार मिलावट पर वार
प्रारंभ: 15 फरवरी 2024

सूचना देने पर अनसेफ फूड प्रमाणन पर ₹51,000, सब्स्टैंडर्ड फूड प्रमाणन पर ₹5,000 प्रोत्साहन राशि, गोपनीयता बरकरार। दिसंबर 2025 तक 14,998 निरीक्षण, 38,647 नमूने एकत्र — 2,764 निम्न गुणवत्ता, 129 गलत ब्रांडिंग, 653 असुरक्षित पाए गए।

सिलिकोसिस
सिलिकोसिस सहायता योजना
सिलिकोसिस नीति-2019

खदान/कारखाना/पत्थर कटाई/ग्राइंडिंग में धूल के लंबे संपर्क से होने वाला असाध्य रोग। पीड़ित को ₹3 लाख पुनर्वास सहायता + ₹1,500/माह पेंशन। मृत्यु पर आश्रित परिवार को ₹2 लाख। विधवा पेंशन ₹1,250-1,500/माह (आयु अनुसार)। 'आस्था कार्ड' से BPL जैसी सुविधाएँ (NFSA सहित) + अंतिम संस्कार हेतु ₹10,000। दिसंबर 2025 तक ₹614.86 करोड़ व्यय कर 20,478 पीड़ितों/परिवारों को सहायता।

5अन्य विशेष कार्यक्रम

मानसिक स्वास्थ्य
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
प्रारंभ: 1982

न्यूनतम मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की उपलब्धता व पहुंच सुनिश्चित करना। 2.10 लाख नए + 3.41 लाख फॉलो-अप मरीज OPD से लाभान्वित। NMHP के तहत 645 शिविर, 15,069 मरीजों का इलाज।

फ्लोरोसिस
राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियन्त्रण कार्यक्रम
प्रारंभ (भारत सरकार): 2008-09

पेयजल में अधिक फ्लोराइड वाले 30 चिन्हित जिलों में लागू। 2025-26 (दिसम्बर तक): 1,020 गांव फ्लोराइड प्रभावित चिन्हित, 19,805 संदिग्ध रोगियों में से 7,260 की पुष्टि।

एड्स नियंत्रण
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम
प्रारंभ (भारत सरकार): 1992

255 ब्लड बैंक (58 राज्य + 7 केंद्र + 190 निजी)। दिसंबर 2025 तक 28.60 लाख जांच, 5,522 HIV पॉजिटिव मिले। 53 STI क्लिनिक निःशुल्क। 28 ART केंद्र, 8 PPP ART केंद्र, 21 लिंक ART केंद्र, 17 केयर सपोर्ट केंद्र।

दंत स्वास्थ्य
राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम
प्रारंभ (भारत सरकार): वित्तीय वर्ष 2014-15

मुख स्वास्थ्य के निर्धारकों में सुधार व ग्रामीण-शहरी दंत सेवा असमानता कम करना।

बहरापन
राष्ट्रीय बहरा नियंत्रण कार्यक्रम (NPPCD)
प्रारंभ: जनवरी 2007

सुनने की क्षमता बढ़ाना, शहरी-ग्रामीण बहरापन सेवा असमानता कम करना।

तम्बाकू नियंत्रण
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP)
प्रारंभ: 2007-08, 11वीं पंचवर्षीय योजना

60-दिवसीय 'तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0' — तम्बाकू मुक्त विद्यालय, COTPA अंतर्गत प्रवर्तन, तम्बाकू मुक्त ग्राम पंचायतें, सोशल मीडिया अभियान।

हेपेटाइटिस
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP)
प्रारंभ (राज्य में): 2019

लक्ष्य — 2030 तक हेपेटाइटिस-C का उन्मूलन। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर मेडिकल कॉलेजों में 4 राज्य स्तरीय मॉडल लैब + 50 NVHCP लैब। 2025-26 (दिसम्बर तक): 8.81 लाख हेपेटाइटिस-B स्क्रीनिंग, 10,555 पॉजिटिव, 1,597 उपचारित।

जांच
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (जांच योजना)

राजकीय चिकित्सालयों में चरणबद्ध निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच। दिसंबर 2025 तक कुल 101.17 करोड़ निःशुल्क जांचें।

रोग निगरानी
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP)

संक्रामक व गैर-संक्रामक रोगों की निगरानी से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट नियंत्रण। IDSP पोर्टल से रियल-टाइम डेटा संकलन। 27 जिला प्रयोगशालाएं जिला जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के रूप में विकसित; 7 मेडिकल कॉलेज लैब रेफरल नेटवर्क में शामिल।

डायबिटीज़
मिशन मधुहारी व मिशन मधुनेत्र
मधुहारी शुभारंभ: 29 नवम्बर 2024, जिला चिकित्सालय नागौर

टाइप-1 डायबिटीज़ पीड़ितों हेतु 70 जिला/उप-जिला चिकित्सालयों में बाल रोग विशेषज्ञों को कौशल प्रशिक्षण। मधुनेत्र के अंतर्गत डायबिटिक रेटिनोपैथी जांच 5 संस्थानों (पाली, ब्यावर, करौली, जालोर, देशनोक CHC) में प्रारंभिक चरण में शुरू।

डायलिसिस
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम

41 जिलों के 61 जिला चिकित्सालयों में हीमोडायलिसिस सेवाएं, कुल 145 मशीनें कार्यरत।

6आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के सुझाव अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (SHC-AAM) के रूप में सक्रिय किया जा रहा है — व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (गर्भावस्था व शिशु जन्म देखभाल, गैर-संचारी रोग जांच, नेत्र-नाक-कान-गला सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य जांच, परिवार नियोजन आदि 12 सेवाएं) प्रदान करते हुए।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुविधाओं की संख्या (दिसम्बर, 2025 तक)

सुविधा का प्रकारपोर्टल पर कार्यरत AAMविस्तारित सेवाओं की शुरुआत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)24852113
उप स्वास्थ्य केंद्र (SHC)147426854
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC)299292
शहरी आयुष्मान आरोग्य मन्दिर (UAAM)332293
आयुष आयुष्मान आरोग्य मन्दिर (AAAM)20192019
कुल1987711571

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM)

लॉन्च: वर्ष 2018 (केंद्र प्रायोजित योजना)। घटक: आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM)। राजस्थान में कुल 406 कार्यों की स्वीकृति — 131 ब्लॉक स्तरीय सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ (BPHU), 6 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं (IPHL), 3 क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB), 429 शहरी आयुष्मान आरोग्य मन्दिर।

टेलीमेडिसिन — ई-संजीवनी

ई-संजीवनी HWC पोर्टल से पदानुक्रमित परामर्श सेवाएं। दिसंबर 2024 तक कुल टेली-परामर्श संख्या 20.33 लाख।

वर्ष 2025-26 में चिकित्सा विभाग की नई गतिविधियाँ

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डीग → 150 शैय्या वाले जिला अस्पताल में क्रमोन्नत
  • पृथ्वीराजनगर-जयपुर व बालमुकुंदपुरा (अजमेर रोड) में 50-50 शैय्या के दो नए सैटेलाइट अस्पताल
  • रामगंज मंडी (कोटा) उप-जिला अस्पताल → जिला अस्पताल क्रमोन्नत
  • मुरलीपुरा, प्रतापनगर (जयपुर) व कमला नेहरू अस्पताल कांकरोली (राजसमंद) → 50-शैय्या सैटेलाइट अस्पताल
  • 78 उप-स्वास्थ्य केंद्र → PHC; 34 PHC → CHC; 17 CHC → उप-जिला अस्पताल क्रमोन्नत
  • सुनेल (झालावाड़) CHC → 75-शैय्या सैटेलाइट अस्पताल

7राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (2005) एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (2013) को मिलाकर शुरू किया गया।

i
आशा सहयोगिनी

चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग व महिला-बाल विकास विभाग के बीच संयुक्त कार्यकर्ता। ग्राम सभा से चयन, ANM व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ समन्वय। सितम्बर 2025 तक राज्य में 54,022 आशा सहयोगिनी कार्यरत। MCHN दिवस व घर-घर RCH गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग व WCD के बीच सेतु का काम करती हैं।

ii
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK)

आंगनबाड़ी में जन्मे, सरकारी विद्यालय/मदरसों में पढ़ने वाले 18 वर्ष तक के सभी बच्चों की 4D जांच: 1. जन्म के समय दोष 2. रोग 3. कमी/विकास में देरी 4. विकलांगता (40 चिन्हित बीमारियां)। मोबाइल स्वास्थ्य टीम द्वारा जांच; निःशुल्क रैफरल, फॉलो-अप व शल्य चिकित्सा उपचार।

iii
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK)
शुभारम्भ: 7 जनवरी 2014

RMNCH+A रणनीति के तहत विकसित; शुरुआत में राजस्थान के 15 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में, अब राज्यभर विस्तारित। किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (उज़ाला क्लिनिक) — पोषण, यौन-प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, NCD, चोट व हिंसा, मादक द्रव्यों के सेवन — इन 6 विषयगत क्षेत्रों में नैदानिक व परामर्श सेवाएं।

iv
104 जननी एक्सप्रेस

गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधाओं तक परिवहन प्रदान करती है।

v
108 एम्बुलेंस सेवा योजना
शुरुआत: सितंबर 2008

राज्य के लोगों के लिए निःशुल्क समुचित चिकित्सा सेवा। वर्तमान में 1,094 एम्बुलेंस संचालित।

vi
मोबाइल मेडिकल सेवा योजना
प्रारंभ: 2008-09

दूरदराज क्षेत्रों (रेगिस्तानी, आदिवासी, अविकसित गांव) में हर महीने 20 मुफ्त मेडिकल कैम्प। राज्य में 28 मोबाइल मेडिकल वाहन चल रहे हैं।

vii
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति

सरपंच/वार्डपंच अध्यक्षता में 43,440 समितियां गठित। सदस्य — आशा सहयोगिनी (संयोजक), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ANM, स्वयं सहायता समूह, महिला स्वास्थ्य संघ आदि।

मातृ एवं शिशु सुरक्षा योजना

शिशु व मातृ मृत्यु दर घटाने हेतु गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को निःशुल्क दवा, प्रयोगशाला जांच, भोजन, रक्त व यातायात सुविधा।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन

कमज़ोर वर्गों के स्वास्थ्य स्तर सुधार पर केंद्रित — संक्रामक रोग नियंत्रण के साथ-साथ उपचारात्मक व निवारक स्वास्थ्य सेवाएं।

कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI)

औद्योगिक/वाणिज्यिक/निजी शैक्षणिक/निजी चिकित्सा संस्थानों में 10+ कर्मचारी व ₹21,000/माह तक वेतन वालों को चिकित्सा सुविधा — पति/पत्नी, आश्रित पुत्र (21 वर्ष तक), अविवाहित पुत्री, विकलांग बच्चे व आश्रित माता-पिता सहित। व्यय ESIC व राज्य सरकार के बीच 7:1 अनुपात में; नियोक्ता 3.25% + कर्मचारी 0.75% योगदान। 3 अस्पताल (जोधपुर, भीलवाड़ा, पाली — 50 शैय्या) + 76 औषधालय। 58 चिकित्सालयों में दंत सेवाएं।

8राष्ट्रीय आयुष मिशन (आयुष)

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के सर्वांगीण विकास हेतु राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी व राष्ट्रीय आयुष मिशन कार्यालय की स्थापना की गई। दो प्रकार की गतिविधियाँ: (i) आवश्यक गतिविधियाँ/घटक (आयुष सेवाएँ, शैक्षणिक संस्थान) (ii) फ्लेक्सी पूल के तहत गतिविधियाँ।

2024-25 के लिए आयुष मिशन के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

  • 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस — 21 जून 2025 को "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य" थीम के साथ; राज्य के 1.69 लाख स्थानों पर 138.22 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया
  • जायल-नागौर व नवलगढ़-झुंझुनू में आयुर्वेद औषधालय → ब्लॉक आयुष चिकित्सालय क्रमोन्नत
  • कोटा में नवीन राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय निर्मित
  • खखावली (नगर) डीग में नवीन आयुर्वेद औषधालय खोला गया
  • 2025-26 में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के प्रथम चरण में 210 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चयनित (18 स्वास्थ्य सूचकों सहित)
  • मौसमी बीमारियों हेतु साप्ताहिक शिविरों में 4.16 लाख रोगियों का उपचार
  • आयुर्वेद दिवस व पोषण माह अवसरों पर होम्योपैथी शिविरों में 1.30 लाख रोगी उपचारित
  • "शहर चलो एवं गांव चलो अभियान" में होम्योपैथी द्वारा 3.08 लाख रोगी उपचारित
  • संभाग स्तर पर नारी निकेतन केंद्रों में मासिक शिविर — 2025-26 (दिसम्बर तक) में 547 रोगी उपचारित
  • संभाग स्तर पर आरोग्य मेलों (बीकानेर व उदयपुर) में 52,694 रोगी उपचारित
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