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RASA2Zराजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — अध्याय 3

अध्याय 3 — शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था

राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — RASA2Z Study Material
विज़न 2047 | स्कूल/उच्च/तकनीकी/चिकित्सा/संस्कृत शिक्षा | सभी छात्रवृत्ति योजनाएँ

1विज़न 2047 — शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था

वर्ष 2047 तक राजस्थान की शिक्षा प्रणाली कौशल-संचालित और समावेशी बनेगी। 'एक राज्य, एक पाठ्यक्रम' से सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेंगे। शिक्षा में AI, AR/VR और रीयल-टाइम मूल्यांकन जैसी तकनीकें शामिल होंगी। AI, बायोटेक्नोलॉजी व अंतरिक्ष विज्ञान में नए अनुसंधान हब बनेंगे।

प्रमुख क्षेत्र

क्षेत्रलक्ष्य
समावेशी और उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा100% विद्यालय नामांकन के साथ 21वीं सदी के कौशल व व्यावसायिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
शिक्षक सशक्तिकरणशिक्षण विधियों व छात्र अधिगम परिणामों हेतु संरचित प्रशिक्षण व संस्थागत समर्थन
स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर10,000+ स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकालय व उन्नत विज्ञान-कंप्यूटर लैब्स
डिजिटल रूपांतरणव्यक्तिगत शिक्षण हेतु AI-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल पुस्तकें व ई-लर्निंग मॉड्यूल्स
करियर और कौशल विकासपरियोजना-आधारित अधिगम, दूरस्थ क्षेत्रों में तकनीकी पहुंच बढ़ाकर रोजगार तैयारी
अनुसंधान और नवाचार केंद्रवैज्ञानिक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने हेतु 50+ इन्क्यूबेशन सेंटर्स व टेक्नोलॉजी पार्क
वैश्विक पहुंचछात्र विनिमय कार्यक्रम व अंतरराष्ट्रीय सहयोगों का विस्तार
उद्योग-अकादमिक सहयोगसंयुक्त अनुसंधान, उद्योग-प्रेरित प्रमाणन पाठ्यक्रम व कौशल-आधारित इंटर्नशिप
स्थिरता एवं आपदा तैयारीपाठ्यक्रम में जलवायु शिक्षा एकीकृत करना, हरित परिसर
सामुदायिक सहभागिताछात्र अधिगम व कल्याण समर्थन हेतु जमीनी स्तर पर भागीदारी

स्कूल शिक्षा लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
सकल नामांकन अनुपात — प्राथमिक (%)93.6100100100100
सकल नामांकन अनुपात — माध्यमिक (%)80.290.092.595.0100
सकल नामांकन अनुपात — उच्च माध्यमिक (%)62808590100
शुद्ध नामांकन अनुपात — प्राथमिक (%)84.5959698100
कंप्यूटर युक्त विद्यालय (%)52707585100
स्मार्ट कक्षा युक्त विद्यालय (%)50758090100
ड्रॉपआउट दर — माध्यमिक (%)11.10000

उच्च शिक्षा लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
सकल नामांकन अनुपात (तृतीयक शिक्षा) %29.040.045.854.060.0
विश्वविद्यालय (संख्या)95125132140150

संस्कृत शिक्षा लक्ष्य

संकेतकवर्तमान2030203520402047
संस्कृत पाठ्यक्रम युक्त स्कूल (%)50586575
अनुसंधान संविद्य20273550
राजस्थान में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्र: स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, भाषा एवं पुस्तकालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साक्षरता एवं सतत् शिक्षा।

2स्कूल शिक्षा — बुनियादी आँकड़े

संकेतकसंख्या
राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय44,934
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय19,950
— इनमें से बालिकाओं हेतु उच्च माध्यमिक विद्यालय1,364
राजकीय विद्यालयों में कुल नामांकित विद्यार्थी72.93 लाख
उत्कृष्ट विद्यालय (कुल)8,373 (1,575 प्राथमिक + 6,798 उच्च प्राथमिक)

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में संचालित एक प्रा.वि./उ.प्रा.वि. विद्यालय को राज्य सरकार की उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत चयनित कर विकसित किया जा रहा है।

राजस्थान में सकल नामांकन अनुपात (GER)

वर्षप्राथमिक (1-5)उच्च प्राथमिक (6-8)प्रारंभिक (1-8)माध्यमिक (9-10)उच्च माध्यमिक (11-12)
2023-2495.190.993.680.262.0
2024-2588.392.189.782.266.1
2024-25 में गत वर्ष की तुलना में प्राथमिक शिक्षा के GER में 6.8 प्रतिशत अंकों की कमी, उच्च प्राथमिक में 1.2 प्रतिशत अंक व उच्च माध्यमिक में 4.1 प्रतिशत अंकों की वृद्धि देखी गई।

छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR), 2024-25

शिक्षा स्तरअनुपात
प्राथमिक (1-5)18:1
उच्च प्राथमिक (6-8)12:1
माध्यमिक (9-10)11:1
उच्च माध्यमिक (11-12)15:1

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 द्वारा अनुशंसित 30:1 से यह बेहतर है। प्राथमिक शिक्षा में छात्र नामांकन 22.72 लाख व शिक्षक 1.69 लाख (अनुपात 13:1); माध्यमिक शिक्षा में नामांकन 50.22 लाख व शिक्षक 2.82 लाख (अनुपात 18:1)।

प्रवेश दर, ठहराव दर व ड्रॉपआउट दर (2024-25)

संक्रमण दर (transition rate)कक्षा 5→6कक्षा 8→9कक्षा 10→11
%93.890.288.2
ठहराव दर (retention)कक्षा 1-5कक्षा 1-8कक्षा 1-10कक्षा 1-12
%83.178.755.951.9
ड्रॉपआउट दरकक्षा 1-5कक्षा 6-8कक्षा 9-10
%3.63.67.7

3स्कूल स्तर की प्रमुख छात्रवृत्ति व प्रोत्साहन योजनाएँ

छात्रवृत्ति
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएँ

सफाईकर्मी श्रेणी, अति पिछड़ा वर्ग, SC, ST, अन्य पिछड़ा वर्ग (कक्षा 9-10), देवनारायण गुरुकुल आदि विभिन्न योजनाओं के तहत 2025-26 (दिसंबर तक) में 2.93 लाख छात्रों को ₹67.50 करोड़ से लाभान्वित किया गया।

पाठ्य पुस्तक
निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना
प्रारंभ: 1994-95 | वितरण: राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक बोर्ड, जयपुर

लाभार्थी: कक्षा 1-8 के सभी विद्यार्थी; कक्षा 9-12 की सभी छात्राएँ, SC/ST छात्र व गैर-आयकरदाता माता-पिता के बच्चे। सत्र 2025-26 में 80 लाख विद्यार्थियों को 4.05 करोड़ पुस्तकें वितरित।

साइकिल
निःशुल्क साइकिल वितरण योजना

कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाली सभी वर्ग की स्कूली बालिकाओं को साइकिल। सत्र 2024-25 में 3.25 लाख साइकिलें वितरित; 2025-26 के लिए 3.34 लाख साइकिलों का आपूर्ति आदेश जारी।

पुरस्कार
गार्गी पुरस्कार योजना
प्रारंभ: 1998 (बालिका शिक्षा फाउंडेशन द्वारा)

पात्रता: 10वीं में 75%+ लाने वाली बालिकाएँ। पुरस्कार: ₹6,000 (2 किश्तों में)।

पुरस्कार
बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना
प्रारंभ: 2008-09

पात्रता: 12वीं (RBSE) में 75%+ लाने वाली छात्राएँ। पुरस्कार: ₹5,000।

डिजिटल
मेधावी छात्रों को निःशुल्क टैबलेट

8वीं, 10वीं, 12वीं में 75%+ अंक वाले मेधावी छात्रों को हाई-क्वालिटी टैबलेट + 3 वर्ष का इंटरनेट कनेक्शन निःशुल्क।

स्कूल मॉडल
महात्मा गांधी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम)

2025-26 में 3,737 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (कक्षा 1-12) संचालित, जिनमें 6.84 लाख विद्यार्थी नामांकित। 977 विद्यालयों में पूर्व-प्राथमिक बाल वाटिका, कुल 1,010 बाल वाटिकाएं संचालित।

फंडिंग पोर्टल
ज्ञान संकल्प पोर्टल
प्रारंभ: 5 अगस्त 2017

भामाशाहों/दानदाताओं/CSR से विद्यालयों हेतु धनराशि जुटाना। 2025 के 29वें राज्य स्तरीय समारोह में 135 भामाशाह व 91 प्रेरक सम्मानित।

विशेष
मुख्यमंत्री संबल योजना (विधवा/परित्यक्ता — B.Ed फीस)

निजी संस्थाओं में B.Ed पढ़ने वाली विधवा/परित्यक्ता महिलाओं को फीस प्रतिपूर्ति। 2025-26 में 352 आवेदनों में से 331 लाभार्थियों को ₹9,000/लाभार्थी हस्तांतरित।

मदरसा
मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना

पंजीकृत मदरसों को कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर से उन्नत करना — प्राथमिक स्तर ₹15 लाख, उच्च प्राथमिक ₹25 लाख तक सहायता (90% राज्य + 10% मदरसा प्रबंधन)। दिसंबर 2025 तक 305 मदरसे लाभान्वित।

यूनिफॉर्म
निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना

कक्षा 1-8 के सभी व कक्षा 9-12 की सभी बालिकाओं को यूनिफॉर्म+बैग हेतु ₹800/विद्यार्थी (2024-25, 41.26 लाख लाभान्वित); 2025-26 में ₹600/विद्यार्थी DBT से (24.8 लाख को अब तक हस्तांतरित)।

परिवहन
परिवहन वाउचर

कक्षा 1-5 (PHC से 1 किमी दूर) व कक्षा 6-8 (उ.प्रा.वि. से 2 किमी दूर) के छात्रों तथा कक्षा 9-10 की छात्राओं (5 किमी+ दूर, शहरी स्कूल में पढ़ने वाली ग्रामीण) को परिवहन वाउचर।

RTE
निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009

1 अप्रैल 2010 से लागू, निजी स्कूलों में 25% आरक्षण अनिवार्य। आय पात्रता सीमा 2020-21 में ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख। 2024-25 में शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु ₹546.13 करोड़ स्वीकृत।

सांस्कृतिक
कला उत्सव (कला महोत्सव)

कक्षा 9-12 के विद्यार्थियों हेतु 6 विषयों (गायन, वाद्य संगीत, नृत्य, रंगमंच, दृश्य कला, पारंपरिक कहानी) में जिला/राज्य/राष्ट्रीय स्तर आयोजन; राजस्थान से 15 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते हैं।

4गुणवत्ता एवं नवाचार, समग्र शिक्षा एवं समावेशन

आंगनबाड़ी
आंगनबाड़ी केंद्र

कुल 62,000 आंगनबाड़ी केंद्र; 3-6 वर्ष के 11.90 लाख बच्चे पूर्व-विद्यालय शिक्षा का लाभ ले रहे हैं। 42,554 केंद्र शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों के साथ समन्वित। 962 बाल वाटिकाएं महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम व 629 PM श्री विद्यालयों में संचालित।

बुनियादी साक्षरता
निपुण भारत मिशन
प्रारंभ: जुलाई 2021 | NIPUN = National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy

लक्ष्य: 2026-27 तक कक्षा-2 के अंत तक हर बच्चे में आवश्यक पठन, लेखन व गणितीय कौशल (NEP 2020 के तहत)। कक्षा 1-5 के लिए बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान; पंचायत स्तर पर "निपुण मेलों" का आयोजन, कक्षा 1 हेतु 'विद्या प्रवेश' व कक्षा 3-5 हेतु विषय-विशिष्ट कार्यपुस्तिकाएँ।

कार्यक्रम
प्रखर राजस्थान 2.0 व निपुण राजस्थान अभियान

मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA) के तहत बच्चों के पठन कौशल हेतु 'प्रखर राजस्थान 2.0'; निपुण राजस्थान अभियान 30 अक्टूबर 2025 को शुरू।

स्कूल मॉडल
स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल विद्यालय (कुल 134)

CBSE पैटर्न आधारित, 2016 से प्रारंभ; कक्षा 1-12; समग्र शिक्षा अभियान से वित्तपोषित; न्यूनतम 55% सीटें बालिकाओं हेतु आरक्षित। 27 जिलों के 134 शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक में संचालित। दिसंबर 2025 तक 62,433 विद्यार्थी नामांकित।

आवासीय
मेवात बालिका आवासीय विद्यालय (कुल 10) व अन्य आवासीय विद्यालय (कुल 11)
मेवात योजना प्रारंभ: 2014

मेवात: अलवर में 10 विद्यालय, कक्षा 6-8, कुल सीट 1,000, नामांकित बालिकाएँ 722। अन्य 11 आवासीय विद्यालय/छात्रावास (7 बालक + 4 बालिका) — अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, जयपुर, जालोर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, कोटा में बेघर/अनाथ बच्चों हेतु।

बालिका शिक्षा
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय

कुल विद्यालय: 364, कुल अध्ययनरत बालिकाएँ: 44,040। कभी नामांकित न हुई या ड्रॉपआउट बालिकाओं को प्राथमिकता, ब्रिज कोर्स के माध्यम से कक्षा 6 की बुनियादी दक्षता।

बालिका शिक्षा
गार्गी मंच व मीना-राजू मंच

मीना-राजू मंच: 18,550 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में (कक्षा 6-8 छात्राएँ)। गार्गी मंच: 17,418 माध्यमिक विद्यालयों में (कक्षा 9-12 छात्राएँ) — बालिका शिक्षा-नामांकन-ठहराव बढ़ाने हेतु।

समावेशी
समावेशी शिक्षा व व्यावसायिक शिक्षा

जयपुर व उदयपुर में 2 राज्य मॉडल संसाधन कक्ष — विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निःशुल्क चिकित्सकीय व शैक्षिक सेवाएं। व्यावसायिक शिक्षा: 2025-26 में 16 क्षेत्रों में कुल 4,019 व्यावसायिक शिक्षा विद्यालय संचालित।

डिजिटल
ICT, दीक्षा पोर्टल, मिशनस्टार्ट व शाला दर्पण

13,976 विद्यालयों में ICT लैब व 13,018 स्मार्ट क्लास से डिजिटल शिक्षा। दीक्षा पोर्टल पर RSCERT द्वारा ई-सामग्री। मिशनस्टार्ट — शिक्षक अनुपलब्धता में डिजिटल सामग्री से पढ़ाई (कक्षा 9-12)। शाला दर्पण — सभी सरकारी स्कूलों/कार्यालयों का लाइव डेटाबेस पोर्टल।

समग्र शिक्षा अभियान

केंद्र-राज्य वित्त साझेदारी 60:40। प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण हेतु भारत सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम। मुख्य उद्देश्य — गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक-लैंगिक अंतर कम करना, समता व समावेशन सुनिश्चित करना, न्यूनतम मानक सुनिश्चित करना, व्यावसायिक शिक्षा व खेल को बढ़ावा देना, RTE अधिनियम-2009 के कार्यान्वयन में सहयोग। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के माध्यम से एकल राज्य कार्यान्वयन समिति (SIS) के रूप में लागू।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का क्रियान्वयन

29 जुलाई 2020 को लॉन्च; 27 चैप्टर में 297 कार्य, जिनमें 202 राज्यों को सौंपे गए। राजस्थान में दिसंबर 2025 तक 73 कार्य पूरे; 6 समितियों द्वारा समन्वय, जिला कलेक्टर अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समितियों का समर्थन।

अन्य नवाचार

29 अप्रैल 2025 से AI-आधारित मौखिक पठन प्रवाह (ORF) मूल्यांकन, छात्र उपस्थिति ऐप, NIOS हेतु ऑन-डिमांड परीक्षाएं (ODE), डिजिटल पहलें शुरू। "वीरगाथा 3.0" — वीरता पुरस्कार विजेताओं संबंधी गतिविधियां। राज्यव्यापी सूर्य नमस्कार में 1.53 करोड़ छात्रों ने भाग लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। मेगा PTM (31 अक्टूबर 2025, राष्ट्रीय एकता दिवस) — सभी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक।

महिला शिक्षण विहार

स्थापना: 1997

पात्रता: 15+ वर्ष की तलाकशुदा, विधवा, आदिवासी या शिक्षा-वंचित महिलाएं। एकमात्र केंद्र झालावाड़ में, 100 महिलाएं नामांकित; 2025-26 में ₹29.18 लाख व्यय।

वयस्क साक्षरता कार्यक्रम

नवभारत साक्षरता कार्यक्रम — 1 अप्रैल 2022 से लागू, केंद्र प्रवर्तित, 15+ आयु वर्ग हेतु स्वयंसेवक आधारित; उल्लास ऐप से सर्वेक्षण। ई-साक्षरता व साक्षर राजस्थान — 8 सितंबर 2023 से दो यूट्यूब चैनल (ई-साक्षरता: 73 वीडियो, 27,000+ सब्सक्राइबर; उल्लास राजस्थान: 18 वीडियो)। महात्मा गांधी पुस्तकालय व वाचनालय — कुल 14,970, ₹500/पुस्तकालय/माह व्यय। प्रथम FLNAT परीक्षा (21 सितंबर 2025, NIOS के माध्यम से) में 14.78 लाख शिक्षार्थी उपस्थित।

5PM श्री योजना व मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान

केंद्र प्रवर्तित
PM श्री योजना ("PM School for Rising India")
शुभारंभ: 7 सितंबर 2022

NEP 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण समान समावेशी शिक्षा; हरित विद्यालय (सोलर पैनल, LED लाइटिंग, पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक-मुक्त, जल संरक्षण)। प्रथम चरण में 402 व द्वितीय चरण में 237 विद्यालय चयनित (राजस्थान से), ~3.15 लाख विद्यार्थी। 639 PM श्री विद्यालयों में 90 प्रारंभिक + 549 माध्यमिक + 1 संस्कृत विद्यालय। प्रत्येक ब्लॉक/ULB से 2 विद्यालयों का चयन (1 माध्यमिक + 1 प्रारंभिक)।

कार्यक्रम
मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA)

NEP 2020 को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु — राज्य को मॉडल के रूप में विकसित करना, नामांकन बढ़ाना, सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार। NEP बालक, NEP शिक्षक व NEP स्कूल — बहुवर्षीय कार्यक्रम के रूप में रणनीति।

6उच्च शिक्षा

आज़ादी के समय राज्य में केवल 7 सामान्य शिक्षा महाविद्यालय थे, वर्तमान में यह संख्या 3,218 हो गई है (राजकीय, निजी, शिक्षक-प्रशिक्षण, स्ववित्तपोषी सभी सम्मिलित)।

संस्थानसंख्या
राजकीय विधि महाविद्यालय20
राजकीय कृषि महाविद्यालय48

2025-26 की प्रमुख गतिविधियां: 28 नवीन राजकीय महाविद्यालय, 5 नवीन राजकीय कृषि महाविद्यालय, 1 नवीन राजकीय विधि महाविद्यालय खोले गए; 5 राजकीय स्नातक महाविद्यालय स्नातकोत्तर में क्रमोन्नत; स्नातक स्तर पर 30 व स्नातकोत्तर स्तर पर 17 नए विषय शुरू।

महिला-केंद्रित योजनाएँ (उच्च शिक्षा)

छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री बी.एड संबल योजना

विधवा/परित्यक्ता महिलाओं की B.Ed फीस प्रतिपूर्ति। 2025-26 में ₹48 लाख आवंटन, ₹31.12 लाख व्यय।

दूरस्थ शिक्षा
बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना

दूरस्थ इलाकों की बालिकाओं हेतु — कक्षा में उपस्थित न हो सकने वाली छात्राओं की डिग्री शिक्षा पूरी तरह सरकार वहन करती है। 2025-26 में ₹21.30 करोड़ आवंटन, ₹20.54 करोड़ व्यय।

छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना
प्रारंभ: 2015-16, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत

10वीं में जिले में प्रथम/द्वितीय आने वाली 2 बालिकाओं व प्रत्येक जिले की 1 अनाथ + 1 BPL बालिका को उच्च शिक्षा हेतु सहायता (स्नातकोत्तर तक)। नोडल एजेंसी: बालिका शिक्षा फाउंडेशन। कक्षा 11-12: ₹15,000; स्नातक/स्नातकोत्तर: ₹25,000 पाठ्यपुस्तक व्यय। 2025-26 में ₹200 लाख आवंटन, ₹91.99 लाख व्यय।

स्कूटी
कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
पुराना नाम: मेधावी छात्रा स्कूटी योजना-2015 (2019-20 में एकीकृत)

पात्रता: पारिवारिक आय ₹2.50 लाख से कम; RBSE 12वीं में 65%+ या CBSE में 75%+। 12वीं पास कर उच्च शिक्षा प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी। 2025-26 में ₹299.69 करोड़ आवंटन, ₹67.67 करोड़ व्यय।

स्कूटी
देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना
प्रारंभ: 2011-12

पात्रता: अति पिछड़ा वर्ग (बंजारा, लबाना, गाड़िया-लोहार, गुज्जर, राईका-रैबारी आदि) की मूल निवासी बालिकाएँ, RBSE/CBSE 12वीं में 50%+। वित्तीय सहायता: स्नातक पास पर ₹10,000/वर्ष, स्नातकोत्तर पास पर ₹20,000/वर्ष; छात्रावास/कोचिंग सहायता ₹1-2 लाख। आय पात्रता ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख (बजट 2019-20)। 2025-26 में ₹56.10 करोड़ आवंटन, ₹33.71 करोड़ व्यय।

छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना

निम्न आय वाले परिवारों के बच्चों को सहायता। 2025-26 में ₹45.50 करोड़ आवंटन, ₹21.11 करोड़ व्यय।

केंद्रीय योजना

केंद्र प्रवर्तित 60:40
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA)

NEP 2020 के पांच स्तंभों (सुलभता, समानता, जवाबदेही, सामर्थ्य, गुणवत्ता) के अनुरूप। राजस्थान को — RUSA 1.0 में ₹390 करोड़ (110 संस्थान, 94.40% पूर्ण), RUSA 2.0 में ₹221 करोड़ (20 संस्थान, 73.82% पूर्ण), PM-USHA में ₹330 करोड़ (34 संस्थान, 27% पूर्ण)।

विदेश अध्ययन
स्वामी विवेकानन्द स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस
पुराना नाम: राजीव गांधी एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप (प्रारंभ 20 अगस्त 2021, पूर्व CM अशोक गहलोत द्वारा)

पात्रता: स्नातक, स्नातकोत्तर, PhD, पोस्ट-डॉक्टरल छात्र, THE/NIRF रैंकिंग के टॉप 1-50 संस्थानों में प्रवेश। कुल सीटें: 500 (विदेशी संस्थान हेतु 150, देश के टॉप 50 संस्थान हेतु 350); 30% सीटें बालिकाओं हेतु आरक्षित। वित्तीय सहायता (आय-वर्ग अनुसार): ट्यूशन फीस अधिकतम ₹50 लाख तक (सभी वर्ग), रहने का खर्च ₹12 लाख / ₹3 लाख / कुछ नहीं, कोर्स प्रारंभ राशि ₹6 लाख / कुछ नहीं / कुछ नहीं (आय ₹8 लाख से कम / ₹8-25 लाख / ₹25 लाख+ अनुसार)। 2025-26 में ₹150 करोड़ आवंटन, ₹145 करोड़ व्यय।

नवाचार, कौशल विकास एवं अवसंरचना विस्तार

  • रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम — 314 राजकीय महाविद्यालयों में औपचारिक रूप से आयोजित
  • राजस्थान फिनिशिंग स्कूल कार्यक्रम — बजट 2024-25 में ₹25 करोड़ प्रावधान, उद्योग-उन्मुख कौशल हेतु
  • ICT लैब व स्मार्ट क्लासरूम — 35 महाविद्यालयों में ICT लैब (₹7.12 करोड़), 153 महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम (₹29.99 करोड़)
  • खेल सुविधाओं का विकास — 122 महाविद्यालयों में एथलेटिक्स ट्रैक व अन्य खेल सुविधाएँ हेतु ₹1,305 लाख स्वीकृत

7तकनीकी, चिकित्सा, संस्कृत तथा भाषा एवं विज्ञान शिक्षा

तकनीकी शिक्षा

राज्य में IIT जोधपुर, IIIT कोटा, MNIT जयपुर तथा IIM उदयपुर संचालित। अभियांत्रिकी: 73 महाविद्यालय (19 राजकीय + 54 निजी)। प्रबंधन शिक्षा: 52 संस्थान (7 राजकीय + 45 निजी)। पॉलिटेक्निक: 2024-25 में 25,802 सीट क्षमता के 137 कॉलेज (56 राजकीय सह-शिक्षा + 1 केंद्रीय सह-शिक्षा + 12 राजकीय महिला पॉलिटेक्निक + 68 निजी)। ITI: 314 स्वीकृत राजकीय ITI (12 महिला ITI सहित — जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर, मंडोर, कोटा, बीकानेर, अलवर, उदयपुर, टोंक, बांसवाड़ा, भरतपुर)। दस्तकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के तहत 44 अभियांत्रिकी व 35 गैर-अभियांत्रिकी व्यवसायों में 1-2 वर्षीय प्रशिक्षण।

चिकित्सा शिक्षा

दिसंबर 2025 तक राज्य में 49 मेडिकल कॉलेज — 6 राजकीय, 1 RUHS संघटक कॉलेज, 24 राजमेस (राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी) के तहत, 2 ESI कॉलेज (अलवर, जयपुर), 1 AIIMS जोधपुर, शेष 15 निजी क्षेत्र में। केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत — 2022-23 से धौलपुर, फिर श्रीगंगानगर/चित्तौड़गढ़/सिरोही; 2023-24 से अलवर, दौसा, करौली, बूंदी, हनुमानगढ़; 2024-25 से बारां, बांसवाड़ा, नागौर, झुंझुनू, सवाई माधोपुर (100 सीट/कॉलेज); 2025-26 से टोंक व जैसलमेर (50 सीट/कॉलेज)। इन 15 नए कॉलेजों हेतु प्रति कॉलेज ₹325 करोड़ स्वीकृत (केंद्र 60% + राज्य 40%)।

संस्कृत शिक्षा

1958 से पृथक संस्कृत निदेशालय; 1998 में संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित। कुल 2,374 संस्थान (1,872 राजकीय + 502 निजी), 1.56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत। 2025-26 में 1 राजकीय + 15 निजी STC महाविद्यालय; 1 राजकीय राजस्थान राज्य संस्कृत शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान (SSIERT, महापुरा जयपुर) + निजी क्षेत्र में 82 शिक्षा शास्त्री महाविद्यालय।

भाषा एवं पुस्तकालय शिक्षा

राज्य में 323 पुस्तकालय — 1 राज्य केंद्रीय पुस्तकालय, 7 संभाग स्तरीय, 33 जिला स्तरीय, 6 पंचायत समिति स्तरीय (भाषा-पुस्तकालय विभाग के अंतर्गत), 276 पंचायत समिति स्तरीय (माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत)। जयपुर के राजकीय महाराजा संभागीय सार्वजनिक पुस्तकालय ने राज्य में पहली बार RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) प्रणाली शुरू की।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विज्ञान क्लबों/प्रतियोगिताओं को सहायता, विज्ञान केंद्र व संग्रहालय स्थापित। संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) व राज्य विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर व उदयपुर में डिजिटल तारामंडल निर्माण हेतु 4 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के साथ ₹13 करोड़ (प्रत्येक) का MoU हस्ताक्षरित। कोटा, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर व बीकानेर में विज्ञान केंद्र/डिजिटल तारामंडल/नवाचार केंद्र स्थापित हो रहे हैं।

राज्य सुदूर संवेदन अनुप्रयोग केंद्र, जोधपुर — मृदा, जल, वन, कृषि व खनिज संसाधनों के मानचित्र तैयार करता है। पेटेंट सूचना केंद्र (PIC), जयपुर — बौद्धिक संपदा अधिकारों (पेटेंट, भौगोलिक संकेत) हेतु जागरूकता व प्रशिक्षण। KARYA कार्यक्रम — विज्ञान संकाय छात्रों को प्रतिष्ठित शोध संस्थानों में इंटर्नशिप व फेलोशिप; KARYA 2025 में 63 विद्यार्थियों को फेलोशिप।

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