आर्थिक सर्वेक्षण एक वार्षिक सरकारी दस्तावेज़ है जिसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के नेतृत्व में तैयार किया जाता है। इसे बजट से ठीक पहले संसद में प्रस्तुत किया जाता है। इसे पहली बार 1950-51 में बजट दस्तावेज़ के भाग के रूप में प्रस्तुत किया गया था तथा 1964 में यह एक स्वतंत्र दस्तावेज़ बना।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 29 जनवरी 2026 को संसद में प्रस्तुत किया गया। सर्वेक्षण को इसे "Goldilocks moment" (उच्च वृद्धि + ऐतिहासिक निम्न मुद्रास्फीति का संयोजन) के रूप में वर्णित किया गया है। केंद्रीय बजट 2026-27, वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रस्तुत किया गया।
वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत लगातार चौथे वर्ष विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| वास्तविक GDP वृद्धि (FY26, प्रथम अग्रिम अनुमान) | 7.4% (FY25 में 6.5% से ऊपर) |
| GVA वृद्धि (FY26) | 7.3% |
| नाममात्र GDP वृद्धि (FY26) | 8% |
| FY27 का अनुमान | 6.8% से 7.2% |
| मध्यम अवधि संभावित वृद्धि दर (Potential Growth) | ~7% |
| निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) | GDP का 61.5% — 2011-12 के बाद सर्वोच्च स्तर |
| सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) | 7.8% वृद्धि, GDP का 30% हिस्सा |
| सेवा क्षेत्र GVA वृद्धि | 9.1% (विकास का मुख्य चालक — आपूर्ति पक्ष) |
| सेवाओं का GDP में हिस्सा | 53.6%; GVA में 56.4% (अब तक सर्वाधिक) |
| खुदरा मुद्रास्फीति (अप्रैल-दिसंबर 2025 औसत) | 1.7% — CPI शृंखला के इतिहास में सबसे कम |
| चालू खाता घाटा (CAD) | ~1.3% of GDP |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| केंद्र की राजस्व प्राप्तियां (GDP का %, FY25) | 9.2% (FY16-20 के ~8.5% औसत से ऊपर) |
| आयकर रिटर्न (income tax returns) | 6.9 करोड़ (FY22) → 9.2 करोड़ (FY25) |
| GST संग्रह (अप्रैल-दिसंबर 2025) | ₹17.4 लाख करोड़ (+6.7% वृद्धि) |
| केंद्र का प्रभावी पूंजीगत व्यय (Capex) | GDP का ~4% तक पहुंचा |
| राज्यों का राजकोषीय घाटा | GDP का 3.2% |
| SASCI योजना का प्रभाव | राज्यों को पूंजीगत व्यय GDP के 2.4% तक बनाए रखने में सहायता |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| बैंकिंग गुणवत्ता — सकल NPA (सितंबर 2025) | 2.2% |
| बैंकिंग गुणवत्ता — शुद्ध NPA | 0.5% |
| ऋण वृद्धि (दिसंबर 2025 तक) | 14.5% |
| वित्तीय समावेशन — PMJDY खाते | 55.02 करोड़ |
| पूंजी बाज़ार — डीमैट खाते | 21.6 करोड़ (12 करोड़ अनन्य निवेशक, 25% महिलाएं) |
| नियामक गुणवत्ता — FSAP 2025 आकलन | वित्तीय प्रणाली GDP का 187% |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| वैश्विक वस्तु निर्यात में हिस्सेदारी | 1.8% |
| वैश्विक सेवा निर्यात में हिस्सेदारी | 4.3% — विश्व में 7वां सबसे बड़ा सेवा निर्यातक |
| व्यापार विविधीकरण (UNCTAD रिपोर्ट) | 'ग्लोबल साउथ' में तीसरे स्थान पर |
| कुल निर्यात (रिकॉर्ड) | USD 825.3 अरब |
| विदेशी मुद्रा भंडार | USD 701.4 अरब (~11 माह का आयात कवर) |
| प्रेषण (Remittances, रिकॉर्ड) | USD 135.4 अरब |
| FDI अंतर्वाह (अप्रैल-नवंबर 2025) | USD 64.7 अरब |
| ग्रीनफील्ड निवेश रैंक | विश्व में चौथा स्थान |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| पशुधन GVA वृद्धि (FY15-FY24) | ~195% |
| मत्स्य उत्पादन वृद्धि (FY15-FY24) | ~140% |
| खाद्यान्न उत्पादन (रिकॉर्ड) | 3,577.3 लाख मीट्रिक टन (LMT) |
| बागवानी का कृषि GVA में हिस्सा | 33% — खाद्यान्न उत्पादन से भी अधिक |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| सेवा क्षेत्र में कुल FDI का हिस्सा | 80% |
| स्टार्टअप ईकोसिस्टम रैंक | विश्व में तीसरा सबसे बड़ा |
| ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंक | 81 (2015) → 38 (2025) |
| PLI योजना निवेश (14 क्षेत्रों में) | ₹2 लाख करोड़+, उत्पादन ₹18.7 लाख करोड़, रोजगार 12.6 लाख |
| इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन निवेश | ₹1.6 लाख करोड़ (10 परियोजनाएं) |
| उद्योग GVA वृद्धि (H1 FY26) | 7% |
| विनिर्माण GVA वृद्धि | Q1 FY26: 7.72%, Q2 FY26: 9.13% |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| राजमार्ग (FY26) | 1,46,572 किमी |
| बिजली स्थापित क्षमता | 509.74 GW |
| ऊर्जा मांग-आपूर्ति अंतर (नवंबर 2025) | शून्य |
| 5G कनेक्टिविटी | 99.9% जिलों में उपलब्ध |
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| शिक्षा — NEP 2020 सुधार | NCrF (राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क) व APAAR ID का एकीकरण |
| MMR में कमी | 86% |
| U5MR (5 वर्ष से कम मृत्यु दर) में कमी | 78% |
| NMR (नवजात मृत्यु दर) में कमी | 70% |
| डिजिटल स्वास्थ्य — आयुष्मान आरोग्य मंदिर | 1.8 लाख संचालित |
रणनीतिक कमज़ोरियों को दूर करने, उच्च-प्रतिफल क्षमताओं के निर्माण व उन्नत विनिर्माण को सुदृढ़ करने हेतु तीन-स्तरीय दृष्टिकोण — जो वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारत की भागीदारी को भी सुनिश्चित करता है (रणनीतिक लचीलेपन से सामरिक अपरिहार्यता की ओर)।
वित्त मंत्री ने बजट 2026 को तीन प्रमुख "कर्तव्यों" (kartavyas) पर आधारित बताया — (1) प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार से आर्थिक वृद्धि को तेज़ व स्थायी बनाना, (2) समावेशी विकास, (3) राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना।
| संकेतक | 2026-27 (BE) |
|---|---|
| कुल व्यय (Total Expenditure) | ₹53.47 लाख करोड़ (रिकॉर्ड, FY26RE से 8.8% अधिक) |
| पूंजीगत व्यय (Capex) | ₹12.22 लाख करोड़ (+11.5-12.3% वृद्धि), GDP का 3.1% |
| प्रभावी पूंजीगत व्यय (राज्यों को अनुदान सहित) | ~₹17.15 लाख करोड़ (GDP का ~4.36%) |
| राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) | GDP का 4.3% (₹15.41 लाख करोड़) — FY20 के बाद सबसे कम, FY26 के 4.4% से कम |
| राजस्व घाटा (Revenue Deficit) | GDP का 1.5% |
| उधार को छोड़कर प्राप्तियां | ₹36,51,547 करोड़ (+7.2%) |
| राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts) | ₹35.33 लाख करोड़ |
| केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां | ₹28.67-28.7 लाख करोड़ |
| नाममात्र GDP वृद्धि अनुमान (FY27) | 10% |
| बकाया देयताएं (Outstanding Liabilities/Debt) | GDP का 55.6% (लक्ष्य: मार्च 2031 तक ~50%) |
| ब्याज भुगतान | कुल व्यय का 26%, राजस्व प्राप्तियों का 40% |
| राज्यों को हस्तांतरण | ₹26,20,769 करोड़ (+12.2%) — कर विचलन ₹15,26,255 करोड़ + अनुदान/ऋण ₹10,94,514 करोड़ (जिसमें ₹1,85,000 करोड़ पूंजीगत व्यय ऋण) |
| विनिवेश लक्ष्य | ₹80,000 करोड़ |
कुल आवंटन ₹7.85 लाख करोड़ — पहली बार ₹7 लाख करोड़ से पार। पूंजीगत खरीद ₹2.31 लाख करोड़ (78% घरेलू स्रोतन से); सशस्त्र बलों का कुल पूंजीगत व्यय ₹2.19 लाख करोड़, जिसमें से ₹1.85 लाख करोड़ थल सेना/नौसेना/वायु सेना के आधुनिकीकरण हेतु।
कृषि व संबद्ध मंत्रालयों हेतु ₹1.52 लाख करोड़; कृषि ऋण लक्ष्य बढ़ाकर ₹25 लाख करोड़ (FY27); भारत-VISTAAR — बहुभाषी AI उपकरण, AgriStack पोर्टलों को एकीकृत कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने हेतु; PM-KISAN आवंटन ₹63,500 करोड़ पर बरकरार।
सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट/इक्विपमेंट विनिर्माण हेतु ₹40,000 करोड़ आवंटन — 5G उपकरण व घटक विकास को बढ़ावा।
शिक्षा मंत्रालय बजट ₹1.39 लाख करोड़, जिसमें NEP कार्यान्वयन हेतु ₹25,000 करोड़ व 50 नए Centres of Excellence शामिल। हर जिले में उच्च शिक्षा STEM संस्थानों में कम से कम एक बालिका छात्रावास (महिला भागीदारी बढ़ाने हेतु)। Khelo India Mission — खेल क्षेत्र में परिवर्तन हेतु।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन चरण-2 — ₹25,000 करोड़ आवंटन, 2030 तक 5 MMTPA उत्पादन क्षमता का लक्ष्य, इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माण को बढ़ावा।
कुल सब्सिडी (उर्वरक, खाद्य, पेट्रोलियम) — GDP का ~1% (~₹3.95-4.1 लाख करोड़), FY26 के 1.2% (₹4.3 लाख करोड़) से कम।