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RASA2ZEconomic Survey 2025-26 & Union Budget 2026-27

भारतीय आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 एवं केंद्रीय बजट 2026-27 — परीक्षा हेतु पूर्ण नोट्स

RAS / UPSC / SSC / RPSC — सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए — RASA2Z Study Material
तालिका में प्रस्तुत: 29 जनवरी 2026 को संसद में प्रस्तुत सर्वेक्षण + 1 फरवरी 2026 का बजट

परिचयात्मक तथ्य

आर्थिक सर्वेक्षण एक वार्षिक सरकारी दस्तावेज़ है जिसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के नेतृत्व में तैयार किया जाता है। इसे बजट से ठीक पहले संसद में प्रस्तुत किया जाता है। इसे पहली बार 1950-51 में बजट दस्तावेज़ के भाग के रूप में प्रस्तुत किया गया था तथा 1964 में यह एक स्वतंत्र दस्तावेज़ बना।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 29 जनवरी 2026 को संसद में प्रस्तुत किया गया। सर्वेक्षण को इसे "Goldilocks moment" (उच्च वृद्धि + ऐतिहासिक निम्न मुद्रास्फीति का संयोजन) के रूप में वर्णित किया गया है। केंद्रीय बजट 2026-27, वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रस्तुत किया गया।

भाग A — भारतीय आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26

1अर्थव्यवस्था की स्थिति — वृद्धि व स्थिरता

वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत लगातार चौथे वर्ष विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

संकेतकआँकड़ा
वास्तविक GDP वृद्धि (FY26, प्रथम अग्रिम अनुमान)7.4% (FY25 में 6.5% से ऊपर)
GVA वृद्धि (FY26)7.3%
नाममात्र GDP वृद्धि (FY26)8%
FY27 का अनुमान6.8% से 7.2%
मध्यम अवधि संभावित वृद्धि दर (Potential Growth)~7%
निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE)GDP का 61.5% — 2011-12 के बाद सर्वोच्च स्तर
सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF)7.8% वृद्धि, GDP का 30% हिस्सा
सेवा क्षेत्र GVA वृद्धि9.1% (विकास का मुख्य चालक — आपूर्ति पक्ष)
सेवाओं का GDP में हिस्सा53.6%; GVA में 56.4% (अब तक सर्वाधिक)
खुदरा मुद्रास्फीति (अप्रैल-दिसंबर 2025 औसत)1.7% — CPI शृंखला के इतिहास में सबसे कम
चालू खाता घाटा (CAD)~1.3% of GDP
महत्वपूर्ण: मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्यतः खाद्य व ईंधन कीमतों में कमी से आई, जो CPI बास्केट के आधे से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह प्रमुख उभरते बाज़ारों (EMDEs) में सबसे तीव्र गिरावटों में से एक है।

2राजकोषीय घटनाक्रम

संकेतकआँकड़ा
केंद्र की राजस्व प्राप्तियां (GDP का %, FY25)9.2% (FY16-20 के ~8.5% औसत से ऊपर)
आयकर रिटर्न (income tax returns)6.9 करोड़ (FY22) → 9.2 करोड़ (FY25)
GST संग्रह (अप्रैल-दिसंबर 2025)₹17.4 लाख करोड़ (+6.7% वृद्धि)
केंद्र का प्रभावी पूंजीगत व्यय (Capex)GDP का ~4% तक पहुंचा
राज्यों का राजकोषीय घाटाGDP का 3.2%
SASCI योजना का प्रभावराज्यों को पूंजीगत व्यय GDP के 2.4% तक बनाए रखने में सहायता

3GST 2.0 सुधार

  • दो-दर संरचना: 18% मानक दर व 5% योग्यता (merit) दर
  • अहितकर वस्तुएं (demerit goods): 40% (उपकर सहित)
  • अपेक्षित लाभ: खपत में वृद्धि, विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार, छोटे व्यवसायों का औपचारिकरण
FY26 कर सुधारों से राजस्व में ₹1.925 लाख करोड़ की कमी आने का अनुमान है, जिससे FY27 में राजकोषीय समेकन थोड़ा धीमा रहेगा।

4मौद्रिक प्रबंधन एवं वित्तीय मध्यस्थता

संकेतकआँकड़ा
बैंकिंग गुणवत्ता — सकल NPA (सितंबर 2025)2.2%
बैंकिंग गुणवत्ता — शुद्ध NPA0.5%
ऋण वृद्धि (दिसंबर 2025 तक)14.5%
वित्तीय समावेशन — PMJDY खाते55.02 करोड़
पूंजी बाज़ार — डीमैट खाते21.6 करोड़ (12 करोड़ अनन्य निवेशक, 25% महिलाएं)
नियामक गुणवत्ता — FSAP 2025 आकलनवित्तीय प्रणाली GDP का 187%

5बाह्य क्षेत्र (External Sector)

संकेतकआँकड़ा
वैश्विक वस्तु निर्यात में हिस्सेदारी1.8%
वैश्विक सेवा निर्यात में हिस्सेदारी4.3% — विश्व में 7वां सबसे बड़ा सेवा निर्यातक
व्यापार विविधीकरण (UNCTAD रिपोर्ट)'ग्लोबल साउथ' में तीसरे स्थान पर
कुल निर्यात (रिकॉर्ड)USD 825.3 अरब
विदेशी मुद्रा भंडारUSD 701.4 अरब (~11 माह का आयात कवर)
प्रेषण (Remittances, रिकॉर्ड)USD 135.4 अरब
FDI अंतर्वाह (अप्रैल-नवंबर 2025)USD 64.7 अरब
ग्रीनफील्ड निवेश रैंकविश्व में चौथा स्थान

6कृषि एवं खाद्य प्रबंधन

संकेतकआँकड़ा
पशुधन GVA वृद्धि (FY15-FY24)~195%
मत्स्य उत्पादन वृद्धि (FY15-FY24)~140%
खाद्यान्न उत्पादन (रिकॉर्ड)3,577.3 लाख मीट्रिक टन (LMT)
बागवानी का कृषि GVA में हिस्सा33% — खाद्यान्न उत्पादन से भी अधिक
सर्वेक्षण वैश्विक औसत की तुलना में उपज-अंतर (yield gap) को रेखांकित करता है व बेहतर बीज, फसल विविधीकरण, सुदृढ़ विस्तार सेवाओं व FPO-PACS-SHG एकीकरण के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने का आह्वान करता है।

7सेवा एवं उद्योग क्षेत्र

संकेतकआँकड़ा
सेवा क्षेत्र में कुल FDI का हिस्सा80%
स्टार्टअप ईकोसिस्टम रैंकविश्व में तीसरा सबसे बड़ा
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंक81 (2015) → 38 (2025)
PLI योजना निवेश (14 क्षेत्रों में)₹2 लाख करोड़+, उत्पादन ₹18.7 लाख करोड़, रोजगार 12.6 लाख
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन निवेश₹1.6 लाख करोड़ (10 परियोजनाएं)
उद्योग GVA वृद्धि (H1 FY26)7%
विनिर्माण GVA वृद्धिQ1 FY26: 7.72%, Q2 FY26: 9.13%

8बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

संकेतकआँकड़ा
राजमार्ग (FY26)1,46,572 किमी
बिजली स्थापित क्षमता509.74 GW
ऊर्जा मांग-आपूर्ति अंतर (नवंबर 2025)शून्य
5G कनेक्टिविटी99.9% जिलों में उपलब्ध

9शिक्षा एवं स्वास्थ्य

संकेतकआँकड़ा
शिक्षा — NEP 2020 सुधारNCrF (राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क) व APAAR ID का एकीकरण
MMR में कमी86%
U5MR (5 वर्ष से कम मृत्यु दर) में कमी78%
NMR (नवजात मृत्यु दर) में कमी70%
डिजिटल स्वास्थ्य — आयुष्मान आरोग्य मंदिर1.8 लाख संचालित

10मुख्य चुनौतियां एवं आगे की राह

चुनौतियां

  • वैश्विक भू-राजनीतिक विखंडन व संसाधन राष्ट्रवाद
  • कमज़ोर राज्य क्षमता (नौकरशाही जोखिम परिहार)
  • राजकोषीय स्थिरता पर बिना शर्त नकद हस्तांतरण का जोखिम
  • अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निजी क्षेत्र का कम निवेश

प्रमुख अवधारणा — "Disciplined Swadeshi" (अनुशासित स्वदेशी)

रणनीतिक कमज़ोरियों को दूर करने, उच्च-प्रतिफल क्षमताओं के निर्माण व उन्नत विनिर्माण को सुदृढ़ करने हेतु तीन-स्तरीय दृष्टिकोण — जो वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारत की भागीदारी को भी सुनिश्चित करता है (रणनीतिक लचीलेपन से सामरिक अपरिहार्यता की ओर)।

सुझाए गए उपाय

  • विनिर्माण को बढ़ावा: PLI योजनाओं से इलेक्ट्रॉनिक्स, EV व फार्मा में मध्यम-उच्च तकनीक विनिर्माण की ओर संक्रमण
  • कृषि पुनर्रचना: बेहतर बीज, फसल विविधीकरण, FPO-PACS-SHG एकीकरण व जलवायु-संवेदनशील खेती से उपज-अंतर घटाना
  • अवसंरचना-आधारित निवेश: राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह व लॉजिस्टिक्स दक्षता में उच्च सार्वजनिक पूंजीगत व्यय से निजी निवेश आकर्षित करना
  • मानव पूंजी व कौशल विकास: PMKVY 4.0, स्किल इंपैक्ट बॉन्ड्स, अप्रेंटिसशिप व NEP आधारित क्रेडिट-आधारित शिक्षण मार्ग
  • ऊर्जा संक्रमण: राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा मिशन, बैटरी ऊर्जा भंडारण विस्तार, EPR व अपशिष्ट कार्ययोजनाओं से चक्रीय अर्थव्यवस्था
  • शहरी परिवर्तन: FSI बढ़ाना, ULB वित्त सुदृढ़ करना, मेट्रो/ई-बस विस्तार
  • "फ्रूगल AI": एप्लीकेशन-विशिष्ट AI पर केंद्रित दृष्टिकोण, घरेलू मूल्य संरक्षण के साथ विश्वसनीय सीमा-पार डेटा प्रवाह
  • जलवायु रणनीति: विकास-संरेखित रणनीति, निकट अवधि शमन (mitigation) की तुलना में अनुकूलन (adaptation) को प्राथमिकता; तीव्र, अवसंरचना-उपेक्षित ऊर्जा संक्रमण के विरुद्ध चेतावनी (यूरोप ग्रिड दबाव का उदाहरण)
  • मानसिक स्वास्थ्य: डिजिटल आदत व स्क्रीन संबंधी जोखिम, विशेषकर बच्चों में; टेली मानस (Tele MANAS) के विस्तार का आह्वान
संभावित मुख्य परीक्षा प्रश्न (मेन्स): "विश्लेषण कीजिए कि रणनीतिक लचीलेपन से सामरिक अपरिहार्यता की ओर भारत का बदलाव वैश्विक मूल्य शृंखलाओं व औद्योगिक नीति के प्रति उसके दृष्टिकोण को किस प्रकार नया आकार देता है?"
भाग B — केंद्रीय बजट 2026-27

11बजट के मूल आँकड़े व तीन "कर्तव्य"

वित्त मंत्री ने बजट 2026 को तीन प्रमुख "कर्तव्यों" (kartavyas) पर आधारित बताया — (1) प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार से आर्थिक वृद्धि को तेज़ व स्थायी बनाना, (2) समावेशी विकास, (3) राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना।

संकेतक2026-27 (BE)
कुल व्यय (Total Expenditure)₹53.47 लाख करोड़ (रिकॉर्ड, FY26RE से 8.8% अधिक)
पूंजीगत व्यय (Capex)₹12.22 लाख करोड़ (+11.5-12.3% वृद्धि), GDP का 3.1%
प्रभावी पूंजीगत व्यय (राज्यों को अनुदान सहित)~₹17.15 लाख करोड़ (GDP का ~4.36%)
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)GDP का 4.3% (₹15.41 लाख करोड़) — FY20 के बाद सबसे कम, FY26 के 4.4% से कम
राजस्व घाटा (Revenue Deficit)GDP का 1.5%
उधार को छोड़कर प्राप्तियां₹36,51,547 करोड़ (+7.2%)
राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts)₹35.33 लाख करोड़
केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां₹28.67-28.7 लाख करोड़
नाममात्र GDP वृद्धि अनुमान (FY27)10%
बकाया देयताएं (Outstanding Liabilities/Debt)GDP का 55.6% (लक्ष्य: मार्च 2031 तक ~50%)
ब्याज भुगतानकुल व्यय का 26%, राजस्व प्राप्तियों का 40%
राज्यों को हस्तांतरण₹26,20,769 करोड़ (+12.2%) — कर विचलन ₹15,26,255 करोड़ + अनुदान/ऋण ₹10,94,514 करोड़ (जिसमें ₹1,85,000 करोड़ पूंजीगत व्यय ऋण)
विनिवेश लक्ष्य₹80,000 करोड़
बजट "पूंजी-गहन" (capex-led) रणनीति अपनाता है — छोटी-छोटी कई योजनाओं की बजाय दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर ज़ोर। साथ ही, आयकर अधिनियम, 2025 — छह दशक पुराने कानून की जगह — एक पीढ़ीगत कर सुधार के रूप में पेश किया गया है।

12कर प्रस्ताव (Direct & Indirect Tax)

  • व्यक्तिगत आयकर स्लैब: कोई बदलाव नहीं — पिछले वर्ष की संरचना बरकरार (राजकोषीय सतर्कता का संकेत)
  • आयकर अधिनियम, 2025 — छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह, सरलीकरण व अनुपालन में आसानी हेतु
  • डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर STT (प्रतिभूति लेनदेन कर) — बढ़ाया गया, उच्च-आवृत्ति सट्टा व्यापार को हतोत्साहित करने हेतु (कैश-मार्केट निवेशकों पर कोई असर नहीं)
  • TCS (स्रोत पर कर संग्रहण) में कमी — शिक्षा, चिकित्सा व्यय व विदेश यात्रा हेतु
  • विदेशी क्लाउड कंपनियों हेतु टैक्स होलिडे — 2047 तक, वैश्विक ग्राहकों को सेवा देने वाली कंपनियों के लिए
  • सीमा शुल्क में कटौती — परमाणु ऊर्जा उपकरण व EV बैटरी विनिर्माण मशीनरी पर 0% सीमा शुल्क; जीवन-रक्षक कैंसर व दुर्लभ रोग दवाओं को सीमा शुल्क से छूट
  • प्रक्रियागत सरलीकरण — संशोधित रिटर्न व घोषणाओं के इलेक्ट्रॉनिक प्रसंस्करण हेतु विस्तारित समय-सीमा

13सेक्टर-वार बजट आवंटन व मुख्य घोषणाएं

🛡️ रक्षा

कुल आवंटन ₹7.85 लाख करोड़ — पहली बार ₹7 लाख करोड़ से पार। पूंजीगत खरीद ₹2.31 लाख करोड़ (78% घरेलू स्रोतन से); सशस्त्र बलों का कुल पूंजीगत व्यय ₹2.19 लाख करोड़, जिसमें से ₹1.85 लाख करोड़ थल सेना/नौसेना/वायु सेना के आधुनिकीकरण हेतु।

🌾 कृषि

कृषि व संबद्ध मंत्रालयों हेतु ₹1.52 लाख करोड़; कृषि ऋण लक्ष्य बढ़ाकर ₹25 लाख करोड़ (FY27); भारत-VISTAAR — बहुभाषी AI उपकरण, AgriStack पोर्टलों को एकीकृत कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने हेतु; PM-KISAN आवंटन ₹63,500 करोड़ पर बरकरार।

🏭 MSME एवं विनिर्माण

  • SME ग्रोथ फंड — ₹10,000 करोड़ (श्रम-गहन क्षेत्रों को बढ़ावा हेतु)
  • सेल्फ-रिलायंट इंडिया फंड — अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ (सूक्ष्म उद्यमों हेतु जोखिम पूंजी)
  • राज्यों को 3 केमिकल पार्क स्थापित करने की नई योजना (challenge route, plug-and-play मॉडल)
  • कंटेनर विनिर्माण योजना — ₹10,000 करोड़ (5 वर्षों में)
  • राष्ट्रीय फाइबर योजना — फाइबर आत्मनिर्भरता हेतु
  • 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार हेतु योजना

📡 दूरसंचार एवं सेमीकंडक्टर

सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट/इक्विपमेंट विनिर्माण हेतु ₹40,000 करोड़ आवंटन — 5G उपकरण व घटक विकास को बढ़ावा।

💊 स्वास्थ्य एवं फार्मा

  • Biopharma SHAKTI कार्यक्रम — ₹10,000 करोड़ (5 वर्षों में)
  • नए NIPER (राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) व 7 मौजूदा NIPER का उन्नयन
  • 1,000+ मान्यता प्राप्त India Clinical Trials साइट्स का नेटवर्क
  • जीवन-रक्षक कैंसर व दुर्लभ रोग दवाओं पर सीमा शुल्क छूट

📚 शिक्षा

शिक्षा मंत्रालय बजट ₹1.39 लाख करोड़, जिसमें NEP कार्यान्वयन हेतु ₹25,000 करोड़ व 50 नए Centres of Excellence शामिल। हर जिले में उच्च शिक्षा STEM संस्थानों में कम से कम एक बालिका छात्रावास (महिला भागीदारी बढ़ाने हेतु)। Khelo India Mission — खेल क्षेत्र में परिवर्तन हेतु।

⚡ ऊर्जा

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन चरण-2 — ₹25,000 करोड़ आवंटन, 2030 तक 5 MMTPA उत्पादन क्षमता का लक्ष्य, इलेक्ट्रोलाइज़र विनिर्माण को बढ़ावा।

🛣️ अवसंरचना

  • राजमार्ग आवंटन में 8.1% वार्षिक वृद्धि; रेलवे में 10.3% वृद्धि
  • Infrastructure Risk Guarantee Fund — निजी डेवलपर्स का विश्वास बढ़ाने हेतु

👩 महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार

  • महिला उद्यमिता — सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स व मत्स्यपालन मूल्य शृंखला में महिला-नेतृत्व वाले समूहों की भागीदारी बढ़ाना
  • रोजगार गारंटी (MGNREGA + विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) — ₹1.25 लाख करोड़

💰 सब्सिडी

कुल सब्सिडी (उर्वरक, खाद्य, पेट्रोलियम) — GDP का ~1% (~₹3.95-4.1 लाख करोड़), FY26 के 1.2% (₹4.3 लाख करोड़) से कम।