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RASA2ZStudy Material — Economy

महंगाई (Inflation) — पूरा अध्याय

RAS / LDC / प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के लिए — RASA2Z Study Material
अंतिम अपडेट: 5 अगस्त 2026 की RBI MPC रिपोर्ट सहित

1महंगाई (Inflation) की परिभाषा

महंगाई का अर्थ है — किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर (General Price Level) में एक निश्चित समयावधि (आमतौर पर एक वर्ष) में हुई निरंतर वृद्धि। इसका सीधा असर मुद्रा की क्रय शक्ति (Purchasing Power) पर पड़ता है — जितनी महंगाई बढ़ती है, उतना ही रुपये से खरीदी जा सकने वाली वस्तुओं की मात्रा घटती जाती है।

ध्यान दें: किसी एक वस्तु की कीमत बढ़ना महंगाई नहीं है। महंगाई तभी कहलाती है जब समग्र रूप से वस्तुओं व सेवाओं की टोकरी (basket) की औसत कीमत बढ़े।

2महंगाई के प्रकार (Types of Inflation)

(A) कारण के आधार पर (By Cause)

प्रकारअर्थ
Demand-Pull Inflationजब मांग (Demand), आपूर्ति (Supply) से अधिक हो जाए — जैसे सरकारी खर्च बढ़ना, आबादी बढ़ना
Cost-Push Inflationउत्पादन लागत (कच्चा माल, मज़दूरी, ईंधन) बढ़ने से कीमतें बढ़ना — जैसे कच्चे तेल के दाम बढ़ना
Built-in Inflation (Wage-Price Spiral)मज़दूरी बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ती है, फिर कीमतें बढ़ती हैं, फिर मज़दूरी की मांग बढ़ती है — यह चक्र चलता रहता है
Structural Inflationअर्थव्यवस्था की संरचनात्मक कमियों (जैसे कमज़ोर आपूर्ति श्रृंखला, इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी) से पैदा होने वाली महंगाई

(B) गति/तीव्रता के आधार पर (By Degree)

प्रकारदर
Creeping (रेंगती)3% तक प्रतिवर्ष — सामान्य/स्वस्थ मानी जाती है
Walking (चलती)3–10% के बीच
Galloping (सरपट)10%+ — अनियंत्रित, अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक
Hyperinflation (अतिमुद्रास्फीति)महीने में 50%+ — मुद्रा लगभग बेकार हो जाती है (जैसे ज़िम्बाब्वे, वेनेज़ुएला के उदाहरण)

(C) सरकारी नियंत्रण के आधार पर

Open Inflation — मूल्य नियंत्रण नहीं, बाज़ार खुला।   Repressed/Suppressed Inflation — सरकार मूल्य नियंत्रण (Price Control) करती है, पर असली मांग छिपी रहती है (black market बनता है)।

(D) संबंधित अन्य शब्द (ज़रूर याद रखें)

शब्दअर्थ
Deflationसामान्य मूल्य स्तर में लगातार गिरावट
Disinflationमहंगाई दर की वृद्धि की रफ़्तार धीमी होना (महंगाई अभी भी है, पर पहले से कम बढ़ रही)
Stagflationउच्च महंगाई + धीमी आर्थिक वृद्धि + बेरोज़गारी — एकसाथ
Reflationजानबूझकर सरकार/RBI द्वारा मांग बढ़ाकर महंगाई को लक्ष्य स्तर तक लाना
Core Inflationखाद्य व ईंधन (volatile items) हटाकर बाकी वस्तुओं की महंगाई — असली underlying trend दिखाती है
Headline Inflationपूरी बास्केट की महंगाई (खाद्य + ईंधन सहित)

3महंगाई कैसे नापी जाती है — Index व Methodology

भारत में महंगाई मापने के लिए मुख्यतः 4 Index प्रयोग होते हैं:

3.1 CPI — Consumer Price Index (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक)

जारीकर्ता: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)। वर्तमान आधार वर्ष: 2024=100 — यह नया सीरीज़ 12 फरवरी 2026 को जारी हुआ (पहले आधार वर्ष 2012 था)। RBI मुद्रास्फीति लक्ष्य के लिए यही Headline Index मानी जाती है। तीन प्रकार जारी होते हैं: Rural, Urban, Combined।

3.2 WPI — Wholesale Price Index (थोक मूल्य सूचकांक)

जारीकर्ता: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (आर्थिक सलाहकार कार्यालय)। आधार वर्ष: 2022-23=100। थोक स्तर (उत्पादक/निर्माता स्तर) पर कीमतें मापता है, consumer-level नहीं। हर महीने की 14 तारीख़ को (या अगले कार्य दिवस) जारी होता है।

3.3 CFPI — Consumer Food Price Index

CPI के अंदर सिर्फ खाद्य व पेय पदार्थों (Food & Beverages) का उप-सूचकांक। 'Food and Beverages' समूह की 12 उप-श्रेणियों में से 10 का भारित औसत (गैर-मादक पेय व तैयार भोजन को छोड़कर)।

3.4 CPI-IW / CPI-AL / CPI-RL

CPI-IW (Industrial Workers) — श्रम मंत्रालय के Labour Bureau द्वारा, 88 औद्योगिक केंद्रों के 317 बाज़ारों से डेटा। CPI-AL / CPI-RL (Agricultural/Rural Labourers) — कृषि व ग्रामीण मज़दूरों के लिए।

3.5 GDP Deflator

पूरी अर्थव्यवस्था की सभी वस्तुओं/सेवाओं की महंगाई मापता है (Nominal GDP ÷ Real GDP × 100) — सबसे व्यापक (broadest) माप।

4डेटा कहाँ से Collect होता है

एजेंसीक्या करती है
NSO का Field Operations Divisionहर हफ़्ते roster के अनुसार, देशभर के तय बाज़ारों से कीमतें इकट्ठा करता है
CPI 2024 सीरीज़ का कवरेज1,465 ग्रामीण बाज़ार + 1,395 शहरी बाज़ार, 434 कस्बों में; साथ ही 25 लाख+ आबादी वाले 12 शहरों में 12 ऑनलाइन बाज़ार भी शामिल (डिजिटल कीमतें साप्ताहिक कलेक्ट होती हैं)
HCES 2023-24 (Household Consumption Expenditure Survey)इसी सर्वे से यह तय होता है कि बास्केट में कौन-सी वस्तु कितना "weight" रखेगी
Response Rate का उदाहरणअप्रैल 2026 में 100% बाज़ारों से डेटा मिला, जिसमें ग्रामीण बाज़ारों से 99.44% और शहरी से 99.82% वास्तविक भाव रिपोर्ट हुए

5CPI Basket में कौन-सी वस्तुएँ शामिल हैं

नए CPI 2024 सीरीज़ में कुल 358 वस्तुएँ शामिल हैं (पहले 299 थीं), जो UN के COICOP 2018 वर्गीकरण ढांचे पर आधारित हैं — 12 Divisions, 43 Groups, 62 Classes, 192 Sub-classes में बंटी हैं।

मुख्य समूहों के वेटेज (CPI 2012 बनाम नया CPI 2024):

समूहCPI 2012 वेटCPI 2024 वेट
खाद्य एवं पेय पदार्थ45.86%36.75% (↓ घटा)
आवास (Housing)10.07%16.48% (↑ बढ़ा)
पान, तम्बाकू2.38%अलग से पुनर्वर्गीकृत
वस्त्र व जूते6.53%पुनर्वर्गीकृत
ईंधन व प्रकाश6.84%पुनर्वर्गीकृत
शिक्षा सेवाएँ4.46% (Misc. के अंदर)3.33% (स्वतंत्र श्रेणी)
विविध (स्वास्थ्य, परिवहन, संचार, मनोरंजन)28.32%पुनर्गठित

क्यों बदला गया? 2011-12 के सर्वे के मुक़ाबले अब भारतीय परिवार सेवाओं, आवास, डिजिटल खर्च (OTT, इंटरनेट) पर ज़्यादा और खाद्य पर अनुपातिक रूप से कम खर्च करते हैं। ग्रामीण CPI में Food & Beverages का हिस्सा 23.27% और शहरी में 13.49% है (मिलाकर संयुक्त 36.75%)।

6राजस्थान में महंगाई दर

राजस्थान की Combined CPI महंगाई दर जून 2026 में 2.87% दर्ज हुई — यह अखिल भारतीय औसत (4.38%) से काफी कम है। राज्यवार तुलना में शीर्ष राज्य तमिलनाडु (5.15%) रहा, जबकि राजस्थान निचले-मध्य क्रम में रहा।

राज्यजून 2026 CPI महंगाई
तमिलनाडु (सबसे अधिक)5.15%
आंध्र प्रदेश4.80%
केरल4.67%
राजस्थान2.87%
मध्य प्रदेश2.86%
गुजरात (सबसे कम में से)2.54%

7भारत में महंगाई दर — वर्तमान आंकड़े (जून 2026)

Indexजून 2026मई 2026टिप्पणी
CPI (Combined)4.38%3.93%दिसंबर 2024 के बाद सबसे अधिक
CPI — ग्रामीण4.74%4.25%
CPI — शहरी3.92%3.53%
CFPI (खाद्य महंगाई)5.32%4.78%अदरक (+50.4%) व टमाटर (+31.92%) की बड़ी उछाल
आवास महंगाई2.10%2.12%
WPI (थोक महंगाई)9.87%9.68%ईंधन व खनिज तेल की वजह से लगभग दोहरे अंक के करीब
WPI — ईंधन व ऊर्जा समूह27.41%30.33%खनिज तेल में 46.48% तक उछाल
महत्वपूर्ण संदर्भ: जून 2026 की महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी संघर्ष और उससे प्रभावित कच्चे तेल व परिवहन लागत, साथ ही कमज़ोर मानसून बताया गया है।

8महंगाई को कौन नियंत्रित करता है और कैसे

8.1 मौद्रिक नीति (Monetary Policy) — RBI का काम

भारत में महंगाई नियंत्रण की मुख्य ज़िम्मेदारी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) के पास है।

कानूनी आधार: RBI अधिनियम 1934 में 2016 के संशोधन (Finance Act 2016) से धारा 45ZB के तहत MPC बनी। पहली MPC 29 सितंबर 2016 को अधिसूचित हुई थी।

Inflation Targeting Framework: लक्ष्य — CPI आधारित महंगाई 4% ± 2% (यानी 2% से 6% के बीच बनाए रखना)। यह लक्ष्य भारत सरकार व RBI के बीच Monetary Policy Framework Agreement (2016) से तय हुआ, हर 5 वर्ष में समीक्षा होती है। अगर लगातार 3 तिमाही तक महंगाई इस दायरे से बाहर रहे, तो RBI को धारा 45ZN के तहत सरकार को लिखित रिपोर्ट देनी होती है।

MPC की संरचना (6 सदस्य)

सदस्यभूमिका
RBI गवर्नर (वर्तमान: संजय मल्होत्रा)अध्यक्ष (Chairperson), टाई होने पर निर्णायक/casting वोट
डिप्टी गवर्नर (मौद्रिक नीति प्रभारी)ex-officio सदस्य
RBI केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित 1 अधिकारीex-officio सदस्य
3 बाह्य सदस्य (सरकार नियुक्त, 4 वर्ष कार्यकाल)वर्तमान में: प्रो. राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य, डॉ. नागेश कुमार

निर्णय बहुमत (Majority Vote) से होता है। MPC वर्ष में कम से कम 4 बार (द्विमासिक/bi-monthly) बैठक करती है।

8.2 मौद्रिक नीति के मुख्य उपकरण (Tools)

उपकरणकाम
Repo Rateजिस दर पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है — बढ़ाने से कर्ज़ महंगा होकर मांग घटती है
Reverse Repo / SDFजिस दर पर बैंक RBI के पास पैसा जमा करते हैं
MSF / Bank Rateआपातकालीन उधारी दर
CRR (Cash Reserve Ratio)बैंकों को अपनी जमाओं का कुछ % RBI के पास नकद रखना अनिवार्य
SLR (Statutory Liquidity Ratio)बैंकों को तरल संपत्ति (नकद/सोना/सरकारी बॉन्ड) में रखना अनिवार्य हिस्सा
OMO (Open Market Operations)RBI द्वारा सरकारी बॉन्ड खरीदना/बेचना — बाज़ार में तरलता नियंत्रित करने के लिए

8.3 राजकोषीय व आपूर्ति-पक्ष उपाय (सरकार का काम)

बफ़र स्टॉक (गेहूँ, चावल, दलहन) से आपूर्ति संतुलन • आयात शुल्क में कटौती/छूट (जैसे खाद्य तेल, दलहन) • GST दरों का युक्तिकरण • ज़रूरी वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी व कालाबाज़ारी पर रोक।

9वर्तमान MPC रिपोर्ट — 5 अगस्त 2026 की बैठक

RBI की MPC ने 3–5 अगस्त 2026 को बैठक की, जिसका निर्णय गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त को घोषित किया।

मुख्य निर्णय

पैरामीटरनिर्णय
Repo Rate5.25% पर अपरिवर्तित (लगातार चौथी बार, 6-0 सर्वसम्मति)
SDF Rate5.00%
MSF Rate / Bank Rate5.50%
नीति रुख़ (Stance)Neutral (तटस्थ) बरकरार
पिछला रेट कटदिसंबर 2025 में 25 आधार अंक (bps) की कटौती

महंगाई का पूर्वानुमान (FY 2026-27)

तिमाहीCPI पूर्वानुमान
Q1 FY274.2%
Q2 FY275.1%
Q3 FY27 (सबसे अधिक, peak)5.9%
Q4 FY275.4%
पूरे वर्ष FY275.1% (जून 2026 के 4.6% अनुमान से 50 bps ऊपर संशोधित)
Core Inflation FY274.7%

वृद्धि दर (GDP): FY27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.7% अनुमानित (जून 2026 के 6.6% अनुमान से थोड़ा ऊपर संशोधित)।

गवर्नर की मुख्य टिप्पणियाँ

जून 2026 में महंगाई 4.4% रही — यह लगातार 16 महीनों तक लक्ष्य (4%) से नीचे रहने के बाद ऊपर गई। जून में वृद्धि का कारण खाद्य व ईंधन कीमतें रहीं; Core Inflation मई-जून में स्थिर (3.9%) रही। मध्य-पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों व व्यापार मार्गों में अनिश्चितता बनी हुई है। हेडलाइन महंगाई के Q3 FY27 में चरम पर पहुँचने और उसके बाद नरम पड़ने की उम्मीद है।

अगली MPC बैठक: 5–7 अक्टूबर 2026

10महत्वपूर्ण शब्दावली (Glossary)

शब्दअर्थ
Repo Rateबैंकों को RBI से मिलने वाले अल्पकालिक ऋण की दर
Reverse Repoबैंकों द्वारा RBI में पैसा जमा करने पर मिलने वाली दर (अब SDF इसकी जगह प्रमुख उपकरण)
Base Effectपिछले वर्ष की तुलनात्मक कीमत असामान्य रूप से ऊँची/नीची होने से इस वर्ष की % वृद्धि दर पर पड़ने वाला प्रभाव
YoYइस महीने की कीमत की तुलना ठीक एक वर्ष पहले उसी महीने से
MoMपिछले महीने से तुलना
Headline Inflationपूरी बास्केट (खाद्य+ईंधन सहित) की महंगाई
Core Inflationखाद्य व ईंधन हटाकर बाकी वस्तुओं की महंगाई
Stagflationउच्च महंगाई + धीमी वृद्धि + बेरोज़गारी
Deflationकीमतों में लगातार गिरावट
Disinflationमहंगाई बढ़ने की रफ़्तार धीमी पड़ना