महंगाई का अर्थ है — किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर (General Price Level) में एक निश्चित समयावधि (आमतौर पर एक वर्ष) में हुई निरंतर वृद्धि। इसका सीधा असर मुद्रा की क्रय शक्ति (Purchasing Power) पर पड़ता है — जितनी महंगाई बढ़ती है, उतना ही रुपये से खरीदी जा सकने वाली वस्तुओं की मात्रा घटती जाती है।
| प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| Demand-Pull Inflation | जब मांग (Demand), आपूर्ति (Supply) से अधिक हो जाए — जैसे सरकारी खर्च बढ़ना, आबादी बढ़ना |
| Cost-Push Inflation | उत्पादन लागत (कच्चा माल, मज़दूरी, ईंधन) बढ़ने से कीमतें बढ़ना — जैसे कच्चे तेल के दाम बढ़ना |
| Built-in Inflation (Wage-Price Spiral) | मज़दूरी बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ती है, फिर कीमतें बढ़ती हैं, फिर मज़दूरी की मांग बढ़ती है — यह चक्र चलता रहता है |
| Structural Inflation | अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक कमियों (जैसे कमज़ोर आपूर्ति श्रृंखला, इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी) से पैदा होने वाली महंगाई |
| प्रकार | दर |
|---|---|
| Creeping (रेंगती) | 3% तक प्रतिवर्ष — सामान्य/स्वस्थ मानी जाती है |
| Walking (चलती) | 3–10% के बीच |
| Galloping (सरपट) | 10%+ — अनियंत्रित, अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक |
| Hyperinflation (अतिमुद्रास्फीति) | महीने में 50%+ — मुद्रा लगभग बेकार हो जाती है (जैसे ज़िम्बाब्वे, वेनेज़ुएला के उदाहरण) |
Open Inflation — मूल्य नियंत्रण नहीं, बाज़ार खुला। Repressed/Suppressed Inflation — सरकार मूल्य नियंत्रण (Price Control) करती है, पर असली मांग छिपी रहती है (black market बनता है)।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| Deflation | सामान्य मूल्य स्तर में लगातार गिरावट |
| Disinflation | महंगाई दर की वृद्धि की रफ़्तार धीमी होना (महंगाई अभी भी है, पर पहले से कम बढ़ रही) |
| Stagflation | उच्च महंगाई + धीमी आर्थिक वृद्धि + बेरोज़गारी — एकसाथ |
| Reflation | जानबूझकर सरकार/RBI द्वारा मांग बढ़ाकर महंगाई को लक्ष्य स्तर तक लाना |
| Core Inflation | खाद्य व ईंधन (volatile items) हटाकर बाकी वस्तुओं की महंगाई — असली underlying trend दिखाती है |
| Headline Inflation | पूरी बास्केट की महंगाई (खाद्य + ईंधन सहित) |
भारत में महंगाई मापने के लिए मुख्यतः 4 Index प्रयोग होते हैं:
जारीकर्ता: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)। वर्तमान आधार वर्ष: 2024=100 — यह नया सीरीज़ 12 फरवरी 2026 को जारी हुआ (पहले आधार वर्ष 2012 था)। RBI मुद्रास्फीति लक्ष्य के लिए यही Headline Index मानी जाती है। तीन प्रकार जारी होते हैं: Rural, Urban, Combined।
जारीकर्ता: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (आर्थिक सलाहकार कार्यालय)। आधार वर्ष: 2022-23=100। थोक स्तर (उत्पादक/निर्माता स्तर) पर कीमतें मापता है, consumer-level नहीं। हर महीने की 14 तारीख़ को (या अगले कार्य दिवस) जारी होता है।
CPI के अंदर सिर्फ खाद्य व पेय पदार्थों (Food & Beverages) का उप-सूचकांक। 'Food and Beverages' समूह की 12 उप-श्रेणियों में से 10 का भारित औसत (गैर-मादक पेय व तैयार भोजन को छोड़कर)।
CPI-IW (Industrial Workers) — श्रम मंत्रालय के Labour Bureau द्वारा, 88 औद्योगिक केंद्रों के 317 बाज़ारों से डेटा। CPI-AL / CPI-RL (Agricultural/Rural Labourers) — कृषि व ग्रामीण मज़दूरों के लिए।
पूरी अर्थव्यवस्था की सभी वस्तुओं/सेवाओं की महंगाई मापता है (Nominal GDP ÷ Real GDP × 100) — सबसे व्यापक (broadest) माप।
| एजेंसी | क्या करती है |
|---|---|
| NSO का Field Operations Division | हर हफ़्ते roster के अनुसार, देशभर के तय बाज़ारों से कीमतें इकट्ठा करता है |
| CPI 2024 सीरीज़ का कवरेज | 1,465 ग्रामीण बाज़ार + 1,395 शहरी बाज़ार, 434 कस्बों में; साथ ही 25 लाख+ आबादी वाले 12 शहरों में 12 ऑनलाइन बाज़ार भी शामिल (डिजिटल कीमतें साप्ताहिक कलेक्ट होती हैं) |
| HCES 2023-24 (Household Consumption Expenditure Survey) | इसी सर्वे से यह तय होता है कि बास्केट में कौन-सी वस्तु कितना "weight" रखेगी |
| Response Rate का उदाहरण | अप्रैल 2026 में 100% बाज़ारों से डेटा मिला, जिसमें ग्रामीण बाज़ारों से 99.44% और शहरी से 99.82% वास्तविक भाव रिपोर्ट हुए |
नए CPI 2024 सीरीज़ में कुल 358 वस्तुएँ शामिल हैं (पहले 299 थीं), जो UN के COICOP 2018 वर्गीकरण ढांचे पर आधारित हैं — 12 Divisions, 43 Groups, 62 Classes, 192 Sub-classes में बंटी हैं।
| समूह | CPI 2012 वेट | CPI 2024 वेट |
|---|---|---|
| खाद्य एवं पेय पदार्थ | 45.86% | 36.75% (↓ घटा) |
| आवास (Housing) | 10.07% | 16.48% (↑ बढ़ा) |
| पान, तम्बाकू | 2.38% | अलग से पुनर्वर्गीकृत |
| वस्त्र व जूते | 6.53% | पुनर्वर्गीकृत |
| ईंधन व प्रकाश | 6.84% | पुनर्वर्गीकृत |
| शिक्षा सेवाएँ | 4.46% (Misc. के अंदर) | 3.33% (स्वतंत्र श्रेणी) |
| विविध (स्वास्थ्य, परिवहन, संचार, मनोरंजन) | 28.32% | पुनर्गठित |
क्यों बदला गया? 2011-12 के सर्वे के मुक़ाबले अब भारतीय परिवार सेवाओं, आवास, डिजिटल खर्च (OTT, इंटरनेट) पर ज़्यादा और खाद्य पर अनुपातिक रूप से कम खर्च करते हैं। ग्रामीण CPI में Food & Beverages का हिस्सा 23.27% और शहरी में 13.49% है (मिलाकर संयुक्त 36.75%)।
राजस्थान की Combined CPI महंगाई दर जून 2026 में 2.87% दर्ज हुई — यह अखिल भारतीय औसत (4.38%) से काफी कम है। राज्यवार तुलना में शीर्ष राज्य तमिलनाडु (5.15%) रहा, जबकि राजस्थान निचले-मध्य क्रम में रहा।
| राज्य | जून 2026 CPI महंगाई |
|---|---|
| तमिलनाडु (सबसे अधिक) | 5.15% |
| आंध्र प्रदेश | 4.80% |
| केरल | 4.67% |
| राजस्थान | 2.87% |
| मध्य प्रदेश | 2.86% |
| गुजरात (सबसे कम में से) | 2.54% |
| Index | जून 2026 | मई 2026 | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| CPI (Combined) | 4.38% | 3.93% | दिसंबर 2024 के बाद सबसे अधिक |
| CPI — ग्रामीण | 4.74% | 4.25% | |
| CPI — शहरी | 3.92% | 3.53% | |
| CFPI (खाद्य महंगाई) | 5.32% | 4.78% | अदरक (+50.4%) व टमाटर (+31.92%) की बड़ी उछाल |
| आवास महंगाई | 2.10% | 2.12% | |
| WPI (थोक महंगाई) | 9.87% | 9.68% | ईंधन व खनिज तेल की वजह से लगभग दोहरे अंक के करीब |
| WPI — ईंधन व ऊर्जा समूह | 27.41% | 30.33% | खनिज तेल में 46.48% तक उछाल |
भारत में महंगाई नियंत्रण की मुख्य ज़िम्मेदारी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) के पास है।
कानूनी आधार: RBI अधिनियम 1934 में 2016 के संशोधन (Finance Act 2016) से धारा 45ZB के तहत MPC बनी। पहली MPC 29 सितंबर 2016 को अधिसूचित हुई थी।
| सदस्य | भूमिका |
|---|---|
| RBI गवर्नर (वर्तमान: संजय मल्होत्रा) | अध्यक्ष (Chairperson), टाई होने पर निर्णायक/casting वोट |
| डिप्टी गवर्नर (मौद्रिक नीति प्रभारी) | ex-officio सदस्य |
| RBI केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित 1 अधिकारी | ex-officio सदस्य |
| 3 बाह्य सदस्य (सरकार नियुक्त, 4 वर्ष कार्यकाल) | वर्तमान में: प्रो. राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य, डॉ. नागेश कुमार |
निर्णय बहुमत (Majority Vote) से होता है। MPC वर्ष में कम से कम 4 बार (द्विमासिक/bi-monthly) बैठक करती है।
| उपकरण | काम |
|---|---|
| Repo Rate | जिस दर पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है — बढ़ाने से कर्ज़ महंगा होकर मांग घटती है |
| Reverse Repo / SDF | जिस दर पर बैंक RBI के पास पैसा जमा करते हैं |
| MSF / Bank Rate | आपातकालीन उधारी दर |
| CRR (Cash Reserve Ratio) | बैंकों को अपनी जमाओं का कुछ % RBI के पास नकद रखना अनिवार्य |
| SLR (Statutory Liquidity Ratio) | बैंकों को तरल संपत्ति (नकद/सोना/सरकारी बॉन्ड) में रखना अनिवार्य हिस्सा |
| OMO (Open Market Operations) | RBI द्वारा सरकारी बॉन्ड खरीदना/बेचना — बाज़ार में तरलता नियंत्रित करने के लिए |
बफ़र स्टॉक (गेहूँ, चावल, दलहन) से आपूर्ति संतुलन • आयात शुल्क में कटौती/छूट (जैसे खाद्य तेल, दलहन) • GST दरों का युक्तिकरण • ज़रूरी वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी व कालाबाज़ारी पर रोक।
RBI की MPC ने 3–5 अगस्त 2026 को बैठक की, जिसका निर्णय गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त को घोषित किया।
| पैरामीटर | निर्णय |
|---|---|
| Repo Rate | 5.25% पर अपरिवर्तित (लगातार चौथी बार, 6-0 सर्वसम्मति) |
| SDF Rate | 5.00% |
| MSF Rate / Bank Rate | 5.50% |
| नीति रुख़ (Stance) | Neutral (तटस्थ) बरकरार |
| पिछला रेट कट | दिसंबर 2025 में 25 आधार अंक (bps) की कटौती |
| तिमाही | CPI पूर्वानुमान |
|---|---|
| Q1 FY27 | 4.2% |
| Q2 FY27 | 5.1% |
| Q3 FY27 (सबसे अधिक, peak) | 5.9% |
| Q4 FY27 | 5.4% |
| पूरे वर्ष FY27 | 5.1% (जून 2026 के 4.6% अनुमान से 50 bps ऊपर संशोधित) |
| Core Inflation FY27 | 4.7% |
वृद्धि दर (GDP): FY27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.7% अनुमानित (जून 2026 के 6.6% अनुमान से थोड़ा ऊपर संशोधित)।
जून 2026 में महंगाई 4.4% रही — यह लगातार 16 महीनों तक लक्ष्य (4%) से नीचे रहने के बाद ऊपर गई। जून में वृद्धि का कारण खाद्य व ईंधन कीमतें रहीं; Core Inflation मई-जून में स्थिर (3.9%) रही। मध्य-पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों व व्यापार मार्गों में अनिश्चितता बनी हुई है। हेडलाइन महंगाई के Q3 FY27 में चरम पर पहुँचने और उसके बाद नरम पड़ने की उम्मीद है।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| Repo Rate | बैंकों को RBI से मिलने वाले अल्पकालिक ऋण की दर |
| Reverse Repo | बैंकों द्वारा RBI में पैसा जमा करने पर मिलने वाली दर (अब SDF इसकी जगह प्रमुख उपकरण) |
| Base Effect | पिछले वर्ष की तुलनात्मक कीमत असामान्य रूप से ऊँची/नीची होने से इस वर्ष की % वृद्धि दर पर पड़ने वाला प्रभाव |
| YoY | इस महीने की कीमत की तुलना ठीक एक वर्ष पहले उसी महीने से |
| MoM | पिछले महीने से तुलना |
| Headline Inflation | पूरी बास्केट (खाद्य+ईंधन सहित) की महंगाई |
| Core Inflation | खाद्य व ईंधन हटाकर बाकी वस्तुओं की महंगाई |
| Stagflation | उच्च महंगाई + धीमी वृद्धि + बेरोज़गारी |
| Deflation | कीमतों में लगातार गिरावट |
| Disinflation | महंगाई बढ़ने की रफ़्तार धीमी पड़ना |