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RASA2ZStudy Material — Economy

बेरोजगारी (Unemployment) — पूरा अध्याय

RAS / LDC / प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के लिए — RASA2Z Study Material
अंतिम अपडेट: PLFS Annual Report 2025 व Economic Survey 2025-26 डेटा सहित

1बेरोजगारी की परिभाषा

बेरोजगारी वह स्थिति है जिसमें कोई व्यक्ति काम करने योग्य (आयु व क्षमता) और काम करने को इच्छुक होते हुए भी, तथा सक्रिय रूप से रोजगार खोज रहा हो, फिर भी उसे उचित पारिश्रमिक पर काम नहीं मिलता।

ध्यान दें: जो व्यक्ति काम नहीं ढूंढ रहा (जैसे गृहिणी, छात्र, स्वेच्छा से अवकाश पर) उसे "श्रमबल से बाहर (Out of Labour Force)" माना जाता है, बेरोजगार नहीं।

2बेरोजगारी के प्रकार

प्रकारअर्थ
संरचनात्मक (Structural)अर्थव्यवस्था की संरचना बदलने से (जैसे कृषि से उद्योग की ओर बदलाव) पुराने कौशल बेकार हो जाना
घर्षणात्मक (Frictional)एक नौकरी छोड़कर दूसरी खोजने के बीच की अस्थायी बेरोजगारी
चक्रीय (Cyclical)व्यापार चक्र (मंदी/तेजी) के कारण मांग घटने से पैदा बेरोजगारी — विकसित देशों में अधिक
मौसमी (Seasonal)कृषि जैसे क्षेत्रों में वर्ष के कुछ महीनों में ही काम मिलना (जैसे बुवाई/कटाई के बाद बेरोजगारी)
प्रच्छन्न (Disguised)ज़रूरत से ज़्यादा लोग एक काम में लगे हों — किसी एक को हटाने से उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ता (भारत में कृषि क्षेत्र की बड़ी समस्या)
चक्रीय/दीर्घकालिक (Chronic)लंबे समय तक बनी रहने वाली संरचनात्मक बेरोजगारी — विकासशील देशों की विशेषता
शिक्षित बेरोजगारी (Educated Unemployment)शिक्षित युवा जिन्हें उनकी योग्यता अनुसार काम नहीं मिलता — भारत की गंभीर समस्या
अल्प-रोजगार (Underemployment)व्यक्ति काम तो कर रहा है, पर अपनी योग्यता या क्षमता से कम स्तर के काम में (जैसे इंजीनियर का ड्राइवर का काम करना)

3बेरोजगारी कैसे मापी जाती है — PLFS Methodology

भारत में बेरोजगारी का आधिकारिक आंकड़ा Periodic Labour Force Survey (PLFS) से आता है — जिसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा अप्रैल 2017 से संचालित किया जाता है (अमिताभ कुंडु समिति की सिफारिश पर शुरू)।

3 मुख्य संकेतक (Indicators)

संकेतकअर्थ
LFPR (Labour Force Participation Rate)जनसंख्या में कितने % लोग काम कर रहे हैं या काम खोज रहे हैं (श्रमबल में हैं)
WPR (Worker Population Ratio)जनसंख्या में कितने % लोग वास्तव में रोजगार में हैं
UR (Unemployment Rate)श्रमबल में से कितने % लोग बेरोजगार हैं = (बेरोजगार ÷ श्रमबल) × 100

मापने की 3 पद्धतियाँ (Approaches)

पद्धतिसंदर्भ अवधि
Usual Status (US, ps+ss)पिछले 1 वर्ष का प्रमुख + गौण गतिविधि आधार — वार्षिक रिपोर्ट में मुख्य माप
Current Weekly Status (CWS)पिछले 7 दिनों की गतिविधि — अब मासिक/त्रैमासिक बुलेटिन में उपयोग होता है, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव दिखाता है
Current Daily Status (CDS)दिन-प्रतिदिन की गतिविधि — सबसे सूक्ष्म माप
महत्वपूर्ण बदलाव: जनवरी 2025 से PLFS की पद्धति revamp हुई — अब हर महीने अखिल भारतीय स्तर पर और हर तिमाही राज्य स्तर पर CWS आंकड़े जारी होते हैं (पहले सिर्फ शहरी क्षेत्र के लिए त्रैमासिक आते थे)। सर्वे अवधि भी जुलाई-जून के कृषि वर्ष से बदलकर जनवरी-दिसंबर कैलेंडर वर्ष कर दी गई है।

4भारत बनाम राजस्थान — तुलनात्मक तालिका

संकेतकभारत (All-India)राजस्थान
UR — PLFS वार्षिक रिपोर्ट 2025 (Usual Status)3.1%—*
UR — CWS, जुलाई-सितंबर 2025 (त्रैमासिक)5.2%5.7%
UR — CWS, अप्रैल-जून 20255.4%5.9%
LFPR (जुलाई-सितंबर 2025, CWS)55.1%61.2% (देश में दूसरे स्थान पर, हिमाचल के बाद)
WPR (जुलाई-सितंबर 2025)52.2%अपेक्षाकृत उच्च — अधिक कृषि व स्वरोजगार आधारित
*राज्यवार Usual Status दर PLFS वार्षिक रिपोर्ट में हर राज्य के लिए अलग से जारी नहीं होती; तुलना के लिए CWS त्रैमासिक आंकड़े (Economic Survey 2025-26, Statistical Appendix, Table 8.12) उपयोग किए गए हैं।

निष्कर्ष: राजस्थान की बेरोजगारी दर (5.7%) राष्ट्रीय औसत (5.2%) से थोड़ी अधिक है, लेकिन राजस्थान की LFPR (श्रमबल भागीदारी) देश में दूसरी सबसे ऊँची है — यानी राज्य में लोग बड़ी संख्या में काम खोजने के लिए सक्रिय हैं, विशेषकर ग्रामीण व महिला भागीदारी के कारण।

5टॉप 5 राज्य — सर्वाधिक व सबसे कम बेरोजगारी

स्रोत: Economic Survey 2025-26, Statistical Appendix, Table 8.12 — CWS पद्धति, जुलाई-सितंबर 2025

🔴 सबसे अधिक बेरोजगारी दर वाले टॉप 5 राज्य

क्रमराज्यUR (जुलाई-सितंबर 2025)
1तेलंगाना8.9%
2आंध्र प्रदेश8.2%
3कर्नाटक8.0%
4हिमाचल प्रदेश7.9%
5पंजाब7.4%

🟢 सबसे कम बेरोजगारी दर वाले टॉप 5 राज्य

क्रमराज्यUR (जुलाई-सितंबर 2025)
1गुजरात (सबसे कम)2.2%
2झारखंड2.8%
3उत्तर प्रदेश3.7%
4केरल3.7%
5जम्मू व कश्मीर4.3%
राजस्थान (5.7%) इस सूची में न तो टॉप 5 सबसे अधिक में है, न टॉप 5 सबसे कम में — यह राष्ट्रीय औसत (5.2%) के थोड़ा ऊपर, मध्य क्रम में आता है।

6बेरोजगारी दूर करने हेतु भारत सरकार की योजनाएँ

ग्रामीण रोजगार
MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम)

हर ग्रामीण परिवार को वर्ष में 100 दिन की गारंटीशुदा मज़दूरी रोजगार। मज़दूरी सीधे बैंक खाते में DBT से। विश्व का सबसे बड़ा रोजगार गारंटी कार्यक्रम, 15 करोड़+ सक्रिय जॉब कार्ड धारक। मुख्यतः जल संरक्षण, वनरोपण, ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे कार्यों में रोजगार।

इंटर्नशिप
PM Internship Scheme

2024 में शुरू — देश की टॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का लक्ष्य। ₹9,000/माह स्टाइपेंड + ₹6,000 एकमुश्त यात्रा भत्ता + ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा (DBT से)।

कौशल विकास
PM कौशल विकास योजना (PMKVY 4.0)

Skill India Mission के तहत — 220+ जॉब रोल्स में निःशुल्क अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण, 1 करोड़ युवाओं का लक्ष्य। NSQF-लिंक्ड सर्टिफिकेट + ₹8,000 पूर्णता बोनस + placement सहायता।

जॉब पोर्टल
National Career Service (NCS)

सरकार का निःशुल्क डिजिटल जॉब पोर्टल — जॉब मैचिंग, करियर काउंसलिंग व कौशल प्रशिक्षण। वर्तमान में 31 लाख+ सक्रिय रिक्तियाँ सूचीबद्ध।

स्वरोजगार / ऋण
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

सूक्ष्म/लघु उद्यमों के लिए बिना गारंटी (collateral-free) ऋण — Shishu (₹50,000 तक), Kishor (₹50,000-5 लाख), Tarun (₹5-10 लाख) व Tarun Plus (₹10-20 लाख) श्रेणियों में।

स्वरोजगार / ऋण
स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India)

SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक ऋण — नया उद्यम स्थापित करने हेतु।

स्टार्टअप
स्टार्टअप इंडिया (Startup India)

नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को टैक्स छूट, फंडिंग सहायता, सरलीकृत अनुपालन (compliance) व सेल्फ-सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएँ।

पारंपरिक शिल्पकार
पीएम विश्वकर्मा योजना

पारंपरिक कारीगरों व शिल्पकारों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार) के लिए टूलकिट प्रोत्साहन + बिना गारंटी के रियायती ऋण + कौशल प्रशिक्षण।

ग्रामीण कौशल
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY)

ग्रामीण गरीब युवाओं (15-35 वर्ष) को placement-लिंक्ड कौशल प्रशिक्षण देकर संगठित क्षेत्र में रोजगार दिलाना।

असंगठित क्षेत्र
e-Shram पोर्टल + PM श्रम योगी मानधन (PMSYM)

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का यूनिवर्सल डेटाबेस, ₹2 लाख दुर्घटना बीमा। PMSYM के तहत 60 वर्ष बाद ₹3,000/माह पेंशन (₹15,000 से कम मासिक आय वालों के लिए, अंशदान ₹55-200/माह, सरकार बराबर योगदान करती है)।

रोजगार प्रोत्साहन
नियोक्ता प्रोत्साहन योजनाएँ (NAPS व PMRPY)

National Apprenticeship Promotion Scheme — अप्रेंटिस को स्टाइपेंड का 25% (अधिकतम ₹1,500/माह) सरकार वापस करती है। PMRPY — नई नौकरियों पर नियोक्ता के EPF/EPS अंशदान का सरकार द्वारा भुगतान।

विनिर्माण
PLI (Production Linked Incentive) योजनाएँ

14 प्रमुख क्षेत्रों (इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो आदि) में उत्पादन बढ़ाने पर वित्तीय प्रोत्साहन — बड़े पैमाने पर विनिर्माण रोजगार सृजन का लक्ष्य।

7बेरोजगारी दूर करने हेतु राजस्थान सरकार की योजनाएँ

बेरोजगारी भत्ता
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना

1 जनवरी 2022 से लागू। शिक्षित बेरोजगार स्नातक युवाओं (आयु 21-35 वर्ष, Employment Exchange में पंजीकृत, पारिवारिक वार्षिक आय ₹2 लाख से कम) को ₹4,000-4,500/माह (पुरुष) और ₹4,500-5,000/माह (महिला/दिव्यांग/ट्रांसजेंडर) बेरोजगारी भत्ता — अधिकतम 2 वर्ष तक या नौकरी मिलने तक। साथ ही, स्नातक युवा सरकारी विभागों में प्रतिदिन 4 घंटे इंटर्नशिप करके भी भत्ता प्राप्त कर सकते हैं (EEMS पोर्टल से आवेदन)।

स्वरोजगार ऋण
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना

12 जनवरी 2026 को राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के अवसर पर शुरू, 31 मार्च 2029 तक प्रभावी। कक्षा 8वीं-12वीं पास आवेदकों को — सेवा व व्यापार क्षेत्र में अधिकतम ₹3.5 लाख और विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम ₹7.5 लाख तक का ऋण। ऋण पर 100% ब्याज अनुदान राज्य सरकार वहन करती है, साथ ही ₹50,000 तक मार्जिन मनी व CGTMSE शुल्क पुनर्भरण की सुविधा भी। बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान — लक्ष्य: 1 लाख युवाओं को स्वरोजगार, ऋण सीमा ₹10 लाख तक (100% ब्याज अनुदान सहित)।

कौशल विकास
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC)

राज्य में युवाओं को उद्योग-अनुरूप कौशल प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता व उद्यमिता विकास कार्यक्रम संचालित करने वाली नोडल एजेंसी।

जॉब पोर्टल
Employment & Enterprise Management System (EEMS)

राजस्थान सरकार का एकीकृत डिजिटल पोर्टल — रोजगार पंजीकरण, इंटर्नशिप आवेदन, स्वरोजगार योजनाओं का आवेदन, SSO ID से लॉगिन।

स्टार्टअप
राजस्थान स्टार्टअप नीति

राज्य में नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने हेतु सीड फंडिंग, इन्क्यूबेशन सहायता व टैक्स रियायतें।

8महत्वपूर्ण शब्दावली

शब्दअर्थ
Labour Force15+ आयु के वे लोग जो काम कर रहे हैं या काम खोज रहे हैं (कार्यरत + बेरोजगार)
NEETNot in Employment, Education or Training — न पढ़ाई में, न रोजगार में, न प्रशिक्षण में; युवाओं में यह अनुपात ~25% है
Demographic Dividendकामकाजी आयु वर्ग की बड़ी जनसंख्या का आर्थिक लाभ — यदि रोजगार न मिले तो यही "जनसांख्यिकीय आपदा" बन सकता है
Job CardMGNREGA के तहत पंजीकृत ग्रामीण परिवार को जारी होने वाला पहचान दस्तावेज़, जिससे 100 दिन रोजगार का अधिकार मिलता है
Formal vs Informal EmploymentFormal — सामाजिक सुरक्षा/PF सहित संगठित क्षेत्र की नौकरी; Informal — असंगठित, बिना सामाजिक सुरक्षा के काम (भारत में बहुसंख्य)