अध्याय-1 : भौतिक स्वरूप
पर्वत • पठार • मैदान — सम्पूर्ण नोट्स
भाग-A : पर्वत
1. पर्वत क्या है?
पर्वत पृथ्वी की सतह का ऐसा ऊँचा भू-भाग है जो आसपास की भूमि से काफी ऊँचा होता है तथा सामान्यतः इसकी ढाल तीव्र होती है।
पर्वतों का निर्माण मुख्यतः निम्न प्रक्रियाओं से होता है—
- वलन (Folding) — चट्टानी परतों के दबाव के कारण मुड़ने से।
- भ्रंशन (Faulting) — भू-पर्पटी में भ्रंश के कारण भू-खंडों के ऊपर उठने से।
- ज्वालामुखीय क्रिया (Volcanism) — लावा एवं ज्वालामुखीय पदार्थों के संचय से।
- अवशिष्ट/अपरदनी प्रक्रिया (Residual/Erosional) — अपरदन के बाद कठोर चट्टानी भागों के बचने से।
प्लेटों की गति → संपीडन/टक्कर → वलन/उत्थान → पर्वत निर्माण
उदाहरण: भारतीय प्लेट + यूरेशियाई प्लेट → टक्कर → हिमालय का उत्थान
2. पर्वतों के प्रमुख प्रकार
| प्रकार | निर्माण | प्रमुख उदाहरण |
|---|---|---|
| वलित पर्वत | चट्टानों के संपीडन से वलन | हिमालय, आल्प्स, एंडीज |
| भ्रंशोत्थ पर्वत | भ्रंश के कारण भू-खंड का ऊपर उठना | वोजेज, ब्लैक फॉरेस्ट |
| ज्वालामुखीय पर्वत | ज्वालामुखीय पदार्थों के संचय से | फूजी, किलिमंजारो |
| अवशिष्ट पर्वत | दीर्घकालीन अपरदन के बाद कठोर भाग का बचना | अरावली |
3. विश्व की प्रमुख पर्वत-श्रेणियाँ — Top 10
| क्रम | पर्वत-श्रेणी | लगभग लंबाई | प्रमुख देश/क्षेत्र | महाद्वीप | प्रमुख दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | एंडीज | लगभग 7,000 किमी | वेनेजुएला से चिली/अर्जेंटीना तक | दक्षिण अमेरिका | उत्तर-दक्षिण |
| 2 | रॉकी पर्वत | लगभग 4,800 किमी | कनाडा, अमेरिका | उत्तरी अमेरिका | उत्तर-दक्षिण |
| 3 | हिमालय | लगभग 2,400 किमी* | भारत, नेपाल, भूटान, चीन आदि | एशिया | पश्चिम-पूर्व |
| 4 | ग्रेट डिवाइडिंग रेंज | लगभग 3,500 किमी | ऑस्ट्रेलिया | ऑस्ट्रेलिया | लगभग उत्तर-दक्षिण |
| 5 | ट्रांस-अंटार्कटिक पर्वत | लगभग 3,500 किमी | अंटार्कटिका | अंटार्कटिका | लगभग उत्तर-दक्षिण |
| 6 | आल्प्स | लगभग 1,200 किमी | फ्रांस, स्विट्जरलैंड, इटली, ऑस्ट्रिया आदि | यूरोप | पश्चिम-पूर्व |
| 7 | यूराल पर्वत | लगभग 2,500 किमी | रूस, कजाखस्तान क्षेत्र | यूरोप-एशिया | उत्तर-दक्षिण |
| 8 | एटलस पर्वत | लगभग 2,500 किमी | मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया | अफ्रीका | दक्षिण-पश्चिम–उत्तर-पूर्व |
| 9 | एपलाचियन पर्वत | लगभग 2,400 किमी | कनाडा, अमेरिका | उत्तरी अमेरिका | उत्तर-पूर्व–दक्षिण-पश्चिम |
| 10 | कॉकस पर्वत | लगभग 1,200 किमी | रूस, जॉर्जिया, अजरबैजान आदि | यूरोप-एशिया संक्रमण क्षेत्र | उत्तर-पश्चिम–दक्षिण-पूर्व |
- एंडीज — विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत-श्रेणी।
- रॉकी — उत्तरी अमेरिका की प्रमुख पर्वत प्रणाली।
- हिमालय — विश्व की सर्वोच्च पर्वत प्रणाली।
- यूराल — यूरोप और एशिया के पारंपरिक विभाजन का महत्वपूर्ण आधार।
4. हिमालय — विशेष अध्ययन
| स्थिति | दक्षिण एशिया में। |
| देश/क्षेत्र | भारत, नेपाल, भूटान, चीन तथा पाकिस्तान के निकटवर्ती क्षेत्र। |
| लंबाई | भारतीय संदर्भ में लगभग 2,400 किमी। |
| चौड़ाई | कश्मीर क्षेत्र में लगभग 400 किमी; अरुणाचल प्रदेश की ओर लगभग 150 किमी |
| दिशा | मुख्यतः पश्चिम से पूर्व। |
| प्रकार | युवा वलित पर्वत। |
| निर्माण | भारतीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट की टक्कर। |
| सर्वोच्च शिखर | माउंट एवरेस्ट — 8,848.86 मीटर |
महत्वपूर्ण तथ्य: हिमालय को मोटे तौर पर निम्न समानांतर श्रेणियों में समझा जाता है—
- हिमाद्रि / महान हिमालय
- हिमाचल / लघु हिमालय
- शिवालिक
5. विश्व की 10 सर्वोच्च पर्वत चोटियाँ
ये पर्वत-श्रेणियाँ नहीं, बल्कि अलग-अलग पर्वत शिखर हैं।
| क्रम | पर्वत शिखर | ऊँचाई | पर्वत-प्रणाली | देश/सीमा | महाद्वीप |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | माउंट एवरेस्ट | 8,848.86 मीटर | हिमालय | नेपाल-चीन | एशिया |
| 2 | K2 / गॉडविन ऑस्टिन | 8,611 मीटर | काराकोरम | भारत द्वारा दावा किया गया क्षेत्र/पाक-अधिकृत क्षेत्र-चीन के निकट | एशिया |
| 3 | कंचनजंघा | 8,586 मीटर | हिमालय | भारत-नेपाल | एशिया |
| 4 | ल्होत्से | 8,516 मीटर | हिमालय | नेपाल-चीन | एशिया |
| 5 | मकालू | 8,485 मीटर | हिमालय | नेपाल-चीन | एशिया |
| 6 | चो ओयू | 8,188 मीटर | हिमालय | नेपाल-चीन | एशिया |
| 7 | धौलागिरी-I | 8,167 मीटर | हिमालय | नेपाल | एशिया |
| 8 | मनास्लु | 8,163 मीटर | हिमालय | नेपाल | एशिया |
| 9 | नंगा पर्वत | 8,126 मीटर | हिमालय | भारत द्वारा दावा किया गया क्षेत्र/पाक-अधिकृत क्षेत्र | एशिया |
| 10 | अन्नपूर्ण-I | 8,091 मीटर | हिमालय | नेपाल | एशिया |
विश्व की 10 सर्वोच्च पर्वत चोटियाँ सभी एशिया में स्थित हैं।
आठ-हजारी पर्वत: 8,000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली 14 पर्वत चोटियों को सामान्यतः आठ-हजारी (Eight-thousanders) कहा जाता है।
6. माउंट एवरेस्ट — तथ्य-पत्र
| माउंट एवरेस्ट | |
| ऊँचाई | 8,848.86 मीटर |
| पर्वत-प्रणाली | हिमालय |
| स्थिति | नेपाल–चीन सीमा क्षेत्र |
| महाद्वीप | एशिया |
| प्रकार | युवा वलित पर्वत प्रणाली का भाग |
| विशेषता | विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी |
एवरेस्ट = पर्वत चोटी, जबकि हिमालय = पर्वत-प्रणाली — दोनों को एक नहीं समझना है।
7. एशिया की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | पर्वत | देश/सीमा |
|---|---|---|---|---|
| 1 | माउंट एवरेस्ट | 8,848.86 मीटर | हिमालय | नेपाल–चीन |
| 2 | K2 | 8,611 मीटर | काराकोरम | भारत-दावा/पाक-अधिकृत क्षेत्र–चीन क्षेत्र |
| 3 | कंचनजंघा | 8,586 मीटर | हिमालय | भारत–नेपाल |
| 4 | ल्होत्से | 8,516 मीटर | हिमालय | नेपाल–चीन |
| 5 | मकालू | 8,485 मीटर | हिमालय | नेपाल–चीन |
8. यूरोप की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
महत्वपूर्ण: यूरोप–एशिया सीमा निर्धारित करने की अलग-अलग भौगोलिक परंपराएँ हैं। कॉकस को यूरोप में शामिल करने वाले convention में निम्न सूची आती है।
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | देश |
|---|---|---|---|
| 1 | माउंट एल्ब्रूस | 5,642 मीटर | रूस |
| 2 | दिख-ताऊ | 5,205 मीटर | रूस |
| 3 | शखारा | 5,193 मीटर | जॉर्जिया |
| 4 | कोशतान-ताऊ | लगभग 5,144 मीटर | रूस |
| 5 | जांगा/जांगी-ताऊ | लगभग 5,085 मीटर | जॉर्जिया-रूस |
एल्ब्रूस = यूरोप की सर्वोच्च चोटी → जब कॉकस को यूरोप में शामिल किया जाता है।
9. अफ्रीका की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | देश | पर्वत-क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| 1 | किलिमंजारो | 5,895 मीटर | तंजानिया | ज्वालामुखीय |
| 2 | माउंट केन्या | 5,199 मीटर | केन्या | ज्वालामुखीय |
| 3 | माउंट स्टैनली | 5,109 मीटर | युगांडा-DRC | रुवेंजोरी |
| 4 | माउंट स्पीक | लगभग 4,890 मीटर | युगांडा | रुवेंजोरी |
| 5 | माउंट बेकर | लगभग 4,844 मीटर | युगांडा-DRC क्षेत्र | रुवेंजोरी |
याद रखें: किलिमंजारो → अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी।
10. उत्तरी अमेरिका की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | देश | पर्वत-श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | डेनाली | 6,190.5 मीटर | अमेरिका (अलास्का) | अलास्का रेंज |
| 2 | माउंट लोगान | 5,959 मीटर | कनाडा | सेंट एलियास |
| 3 | पिको डी ओरिजाबा | 5,636 मीटर | मेक्सिको | ज्वालामुखीय |
| 4 | माउंट सेंट एलियास | 5,489 मीटर | अमेरिका-कनाडा | सेंट एलियास |
| 5 | पोपोकाटेपेटल | 5,426 मीटर | मेक्सिको | ज्वालामुखीय |
याद रखें: डेनाली → उत्तरी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी।
11. दक्षिण अमेरिका की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | देश | पर्वत-श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | अकॉकागुआ | लगभग 6,961 मीटर | अर्जेंटीना | एंडीज |
| 2 | ओहोस डेल सालाडो | लगभग 6,893 मीटर | अर्जेंटीना-चिली | एंडीज |
| 3 | मोटे पिसिस | लगभग 6,793 मीटर | अर्जेंटीना | एंडीज |
| 4 | हुआस्करान | लगभग 6,768 मीटर | पेरू | एंडीज |
| 5 | बोनेटे चिको | लगभग 6,759 मीटर | अर्जेंटीना | एंडीज |
याद रखें: अकॉकागुआ → दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी।
और: अकॉकागुआ → एशिया के बाहर विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी।
12. ऑस्ट्रेलिया/ओशिनिया की Top 5
यहाँ ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया को अलग समझना बहुत जरूरी है।
ओशिनिया के संदर्भ में:
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | स्थान |
|---|---|---|---|
| 1 | पुंचक जया / कार्स्टेंस्ज पिरामिड | 4,884 मीटर | इंडोनेशिया, न्यू गिनी |
| 2 | माउंट विल्हेल्म | 4,509 मीटर | पापुआ न्यू गिनी |
| 3 | माउंट गिलुवे | 4,367 मीटर | पापुआ न्यू गिनी |
| 4 | माउंट विक्टोरिया | लगभग 4,038 मीटर | पापुआ न्यू गिनी |
| 5 | माउंट सक्लिंग | लगभग 3,676 मीटर | पापुआ न्यू गिनी |
लेकिन ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की मुख्य भूमि पर:
माउंट कोसियुस्को — 2,228 मीटर
इसलिए: ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी → माउंट कोसियुस्को
लेकिन: ओशिनिया की सर्वोच्च चोटी → पुंचक जया (प्रचलित भौगोलिक वर्गीकरण के अनुसार)
13. अंटार्कटिका की Top 5 सर्वोच्च चोटियाँ
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | पर्वत-प्रणाली |
|---|---|---|---|
| 1 | विन्सन मैसिफ | 4,892 मीटर | एल्सवर्थ पर्वत |
| 2 | माउंट टायरी | 4,852 मीटर | एल्सवर्थ पर्वत |
| 3 | माउंट शिन | 4,661 मीटर | एल्सवर्थ पर्वत |
| 4 | माउंट क्रेडॉक | लगभग 4,650 मीटर | एल्सवर्थ पर्वत |
| 5 | माउंट किकर्पेट्रिक | लगभग 4,528 मीटर | ट्रांस-अंटार्कटिक पर्वत |
याद रखें: विन्सन मैसिफ → अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी।
14. भारत की Top 5 सर्वोच्च पर्वत चोटियाँ
यहाँ क्षेत्रीय/राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट करना बहुत जरूरी है।
| क्रम | चोटी | ऊँचाई | पर्वत-श्रेणी | क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| 1 | K2 / गॉडविन ऑस्टिन | 8,611 मीटर | काराकोरम | भारत द्वारा दावा किया गया क्षेत्र |
| 2 | कंचनजंघा | 8,586 मीटर | हिमालय | सिक्किम-नेपाल सीमा |
| 3 | नंगा पर्वत | 8,126 मीटर | हिमालय | कश्मीर क्षेत्र |
| 4 | नंदा देवी | 7,817 मीटर | गढ़वाल हिमालय | उत्तराखंड |
| 5 | कामेत | 7,756 मीटर | गढ़वाल हिमालय | उत्तराखंड |
K2 और नंगा पर्वत वर्तमान में पाकिस्तान-प्रशासित क्षेत्र में हैं।
इसलिए प्रश्न में यदि पूछा जाए: "भारत द्वारा दावा किए गए क्षेत्र की सर्वोच्च चोटी" → K2
लेकिन यदि संदर्भ हो: "वर्तमान भारतीय प्रशासन वाले क्षेत्र की सर्वोच्च चोटी" → कंचनजंघा
यह distinction RAS में बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।
15. भारत की प्रमुख पर्वत-श्रेणियाँ — Top 5
| क्रम | पर्वत-श्रेणी | लगभग लंबाई | प्रमुख क्षेत्र | दिशा |
|---|---|---|---|---|
| 1 | हिमालय | लगभग 2,400 किमी | उत्तरी भारत | पश्चिम-पूर्व |
| 2 | पश्चिमी घाट | लगभग 1,600 किमी | पश्चिमी भारत | उत्तर-दक्षिण |
| 3 | पूर्वी घाट | लगभग 1,750 किमी* | पूर्वी/दक्षिण-पूर्वी भारत | उत्तर-पूर्वी–दक्षिण-पश्चिम |
| 4 | सतपुड़ा | लगभग 900 किमी | मध्य भारत | पश्चिम-पूर्व |
| 5 | अरावली | लगभग 700 किमी | राजस्थान-हरियाणा-दिल्ली-गुजरात | दक्षिण-पश्चिम–उत्तर-पूर्व |
- अरावली — भारत की अत्यंत प्राचीन पर्वत प्रणालियों में से एक।
- हिमालय — युवा वलित पर्वत।
- पश्चिमी घाट — प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी किनारे के समानांतर।
- सतपुड़ा — नर्मदा के दक्षिण में प्रमुख पर्वत प्रणाली।
16. महाद्वीप → सर्वोच्च चोटी
| महाद्वीप | सर्वोच्च चोटी | ऊँचाई |
|---|---|---|
| एशिया | माउंट एवरेस्ट | 8,848.86 मीटर |
| दक्षिण अमेरिका | अकॉकागुआ | ~6,961 मीटर |
| उत्तरी अमेरिका | डेनाली | 6,190.5 मीटर |
| अफ्रीका | किलिमंजारो | 5,895 मीटर |
| यूरोप | एल्ब्रूस | 5,642 मीटर |
| अंटार्कटिका | विन्सन मैसिफ | 4,892 मीटर |
| ऑस्ट्रेलिया | कोसियुस्को | 2,228 मीटर |
17. पर्वत-श्रेणी → महाद्वीप
| पर्वत | महाद्वीप |
|---|---|
| हिमालय | एशिया |
| काराकोरम | एशिया |
| एंडीज | दक्षिण अमेरिका |
| रॉकी | उत्तरी अमेरिका |
| एपलाचियन | उत्तरी अमेरिका |
| आल्प्स | यूरोप |
| यूराल | यूरोप-एशिया |
| एटलस | अफ्रीका |
| ग्रेट डिवाइडिंग रेंज | ऑस्ट्रेलिया |
| ट्रांस-अंटार्कटिक | अंटार्कटिका |
18. पर्वतों की दिशा — RAS के लिए महत्वपूर्ण
| पर्वत | दिशा |
|---|---|
| हिमालय | पश्चिम → पूर्व |
| एंडीज | उत्तर → दक्षिण |
| रॉकी | उत्तर → दक्षिण |
| यूराल | उत्तर → दक्षिण |
| आल्प्स | पश्चिम → पूर्व |
| अरावली | दक्षिण-पश्चिम → उत्तर-पूर्व |
| सतपुड़ा | पश्चिम → पूर्व |
| पश्चिमी घाट | उत्तर → दक्षिण |
| पूर्वी घाट | सामान्यतः उत्तर-पूर्व → दक्षिण-पश्चिम |
19. अत्यंत महत्वपूर्ण पर्वत + विशेषता
| पर्वत/चोटी | विशेषता |
|---|---|
| एवरेस्ट | विश्व की सर्वोच्च चोटी |
| एंडीज | सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत-श्रेणी |
| K2 | विश्व की दूसरी सर्वोच्च चोटी |
| कंचनजंघा | विश्व की तीसरी सर्वोच्च चोटी |
| एल्ब्रूस | यूरोप की सर्वोच्च चोटी |
| अकॉकागुआ | दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी |
| डेनाली | उत्तरी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी |
| किलिमंजारो | अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी |
| विन्सन मैसिफ | अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी |
| कोसियुस्को | ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि की सर्वोच्च चोटी |
| पुंचक जया | ओशिनिया की सर्वोच्च चोटी के रूप में प्रचलित |
| हिमालय | सर्वोच्च युवा वलित पर्वत प्रणाली |
| अरावली | अत्यंत प्राचीन पर्वत प्रणाली |
20. RAS Prelims के संभावित Fact Traps
- विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी → माउंट एवरेस्ट
- विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत-श्रेणी → एंडीज
- एवरेस्ट = चोटी, हिमालय = पर्वत-प्रणाली
- एंडीज → दक्षिण अमेरिका, रॉकी → उत्तरी अमेरिका
- किलिमंजारो → अफ्रीका, केन्या पर्वत → केन्या
- अकॉकागुआ → दक्षिण अमेरिका, डेनाली → उत्तरी अमेरिका
- यूरोप की सर्वोच्च चोटी → एल्ब्रूस, यदि कॉकस को यूरोप में शामिल किया जाए।
- ऑस्ट्रेलिया → कोसियुस्को
- ओशिनिया → पुंचक जया (वर्गीकरण के अनुसार)
- K2 और कंचनजंघा को भारत की सर्वोच्च चोटी के प्रश्न में बिना संदर्भ के नहीं मिलाना है।
- हिमालय → युवा वलित पर्वत, अरावली → प्राचीन पर्वत प्रणाली
21. एक नजर में पूरा पर्वत Revision Chart
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विश्व की सर्वोच्च चोटी | माउंट एवरेस्ट |
| विश्व की दूसरी सर्वोच्च चोटी | K2 |
| विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत-श्रेणी | एंडीज |
| एशिया की सर्वोच्च चोटी | एवरेस्ट |
| यूरोप की सर्वोच्च चोटी | एल्ब्रूस |
| अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी | किलिमंजारो |
| उत्तरी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी | डेनाली |
| दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी | अकॉकागुआ |
| अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी | विन्सन मैसिफ |
| ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी | कोसियुस्को |
| ओशिनिया की सर्वोच्च चोटी | पुंचक जया |
| भारत-दावा क्षेत्र की सर्वोच्च चोटी | K2 |
| वर्तमान भारतीय प्रशासन वाले क्षेत्र की सर्वोच्च चोटी | कंचनजंघा |
| युवा वलित पर्वत का प्रमुख उदाहरण | हिमालय |
| यूरोप-एशिया विभाजन से संबंधित पर्वत | यूराल |
| दक्षिण अमेरिका की प्रमुख पर्वत प्रणाली | एंडीज |
| उत्तरी अमेरिका की प्रमुख पर्वत प्रणाली | रॉकी |
| अफ्रीका की प्रमुख पर्वत प्रणाली | एटलस |
| ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख पर्वत प्रणाली | ग्रेट डिवाइडिंग रेंज |
भाग-B : पठार
1. पठार क्या है?
पठार (Plateau) पृथ्वी की सतह का ऐसा विस्तृत भू-भाग है जो आसपास के क्षेत्र से ऊँचा होता है और जिसका ऊपरी भाग सामान्यतः अपेक्षाकृत समतल या लहरदार होता है।
इसे सामान्यतः Tabeland (टेबललैंड — मेज के समान ऊँचा समतल भू-भाग) भी कहा जाता है।
पठार की मुख्य विशेषताएँ:
- आसपास के क्षेत्र से ऊँचा
- ऊपरी भाग अपेक्षाकृत समतल/लहरदार
- किनारों पर कई बार तीव्र ढाल या स्कार्प (Escarpment — तीव्र ढाल/कगार)
- कई पठार पर्वतों से घिरे होते हैं
- कुछ पठार ज्वालामुखीय लावा से बने हैं
- कुछ का निर्माण भू-पर्पटी के उत्थान से
- कुछ का निर्माण अपरदन से
- कुछ पर्वतों के बीच स्थित होते हैं
2. पठारों का निर्माण
- विवर्तनिक उत्थान वाले पठार: भू-पर्पटी के बड़े क्षेत्र के ऊपर उठने से। उदाहरण: तिब्बती पठार
- ज्वालामुखीय पठार: बहुत बड़े क्षेत्र में लावा फैलने और ठंडा होने से। उदाहरण: दक्कन पठार, कोलंबिया पठार
- अपरदनी पठार: लंबे समय तक अपरदन से आसपास की भूमि कट जाती है और अपेक्षाकृत ऊँचा भाग बच जाता है।
- पर्वतों के बीच के पठार: दो या अधिक पर्वत प्रणालियों के बीच स्थित। उदाहरण: तिब्बती पठार
3. विश्व के प्रमुख 10 पठार
यहाँ क्षेत्रफल + भौगोलिक विस्तार + ऊँचाई + परीक्षा महत्व को ध्यान में रखा गया है।
| क्रम | पठार | अनुमानित/प्रचलित क्षेत्रफल | सामान्य/औसत ऊँचाई | प्रमुख देश/क्षेत्र | महाद्वीप |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ब्राजीलियाई उच्चभूमि/पठार | ~50 लाख किमी² के आसपास* | ~300–1,000 मीटर | ब्राजील | दक्षिण अमेरिका |
| 2 | ईरानी पठार | ~37 लाख किमी² | ~300–1,500 मीटर | ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान के भाग | एशिया |
| 3 | तिब्बती पठार | ~25 लाख किमी² | 4,500 मीटर से अधिक | चीन, तिब्बत क्षेत्र व आसपास | एशिया |
| 4 | मंगोलियाई पठार | ~26 लाख किमी² | ~1,000–1,500 मीटर | मंगोलिया, चीन | एशिया |
| 5 | दक्कन पठार | ~19 लाख किमी²* | ~300–600 मीटर | भारत | एशिया |
| 6 | गुयाना उच्चभूमि/पठार | ~18 लाख किमी²* | कई भाग 1,000 मीटर से अधिक | वेनेजुएला, गुयाना, ब्राजील आदि | दक्षिण अमेरिका |
| 7 | अरब पठार | ~25 लाख किमी² के व्यापक क्षेत्र में | ~500–2,000 मीटर, क्षेत्रानुसार | सऊदी अरब आदि | एशिया |
| 8 | मेक्सिको पठार | ~6 लाख किमी² | ~1,800 मीटर औसत के आसपास | मेक्सिको | उत्तरी अमेरिका |
| 9 | इथियोपियाई उच्चभूमि | ~4 लाख किमी² के व्यापक क्षेत्र में | सामान्यतः 1,500–3,000 मीटर | इथियोपिया, इरिट्रिया | अफ्रीका |
| 10 | कोलोराडो पठार | ~3.37 लाख किमी² | ~1,500–2,700 मीटर | अमेरिका | उत्तरी अमेरिका |
*इन बड़े पठारों की सीमा अलग-अलग स्रोतों में अलग हो सकती है, इसलिए इन आँकड़ों को सटीक प्रशासनिक क्षेत्रफल न समझें।
तुलनात्मक रूप से तिब्बती पठार को USGS विश्व का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा पठार बताता है तथा इसकी औसत ऊँचाई 4,500 मीटर से अधिक बताता है।
4. तिब्बती पठार — सबसे महत्वपूर्ण
तथ्य-पत्र
| नाम | तिब्बती पठार |
| उपनाम | विश्व की छत (Roof of the World) |
| महाद्वीप | एशिया |
| मुख्य क्षेत्र | तिब्बत/चीन तथा आसपास |
| क्षेत्रफल | लगभग 25 लाख किमी² |
| औसत ऊँचाई | 4,500 मीटर से अधिक |
| प्रकार | अंतरपर्वतीय/विवर्तनिक |
| दक्षिण में | हिमालय |
| उत्तर में | कुनलुन पर्वत |
| पश्चिम में | काराकोरम क्षेत्र |
| पूर्व में | हेंगदुआन पर्वतीय क्षेत्र |
| निर्माण | भारतीय एवं यूरेशियाई प्लेटों की टक्कर से संबंधित |
USGS के अनुसार तिब्बती पठार विश्व का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा पठार है और इसकी औसत ऊँचाई 4,500 मीटर से अधिक है।
विशेष महत्व: तिब्बती पठार से एशिया की कई महत्वपूर्ण नदी प्रणालियाँ प्रभावित होती हैं।
इसके आसपास/इससे संबंधित प्रमुख नदी प्रणालियाँ:
- सिंधु
- सतलुज
- ब्रह्मपुत्र/त्सांगपो
- यांग्त्सी
- हुआंग हो
- मेकांग
तिब्बती पठार = विश्व का सबसे ऊँचा + सबसे बड़ा पठार
5. ईरानी पठार
| महाद्वीप | एशिया |
| मुख्य देश | ईरान |
| संबंधित क्षेत्र | अफगानिस्तान, पाकिस्तान के कुछ भाग |
| क्षेत्रफल | लगभग 37 लाख किमी² |
| ऊँचाई | लगभग 300–1,500 मीटर |
| दिशा/विस्तार | पश्चिमी-दक्षिणी एशिया |
| प्रमुख पर्वत | ज़ाग्रोस, अल्बुर्ज आदि से संबंधित |
| प्रमुख मरुस्थल | दाश्त-ए-कवीर, दाश्त-ए-लूत |
ईरानी पठार → पर्वत + मरुस्थल + अंतःस्थलीय बेसिन। यह केवल एक पठार नहीं बल्कि अत्यंत जटिल उच्चभूमि क्षेत्र है।
6. मंगोलियाई पठार
| महाद्वीप | एशिया |
| प्रमुख क्षेत्र | मंगोलिया तथा उत्तरी चीन |
| क्षेत्रफल | लगभग 26 लाख किमी² |
| ऊँचाई | लगभग 1,000–1,500 मीटर |
| भू-आकृति | विस्तृत ऊँची शुष्क/अर्ध-शुष्क भूमि |
| प्रमुख मरुस्थल | गोबी क्षेत्र |
महत्वपूर्ण संबंध: मंगोलियाई पठार → गोबी मरुस्थल। इसलिए RAS में plateau + desert का संयुक्त प्रश्न बनाया जा सकता है।
7. दक्कन पठार
भारत का अत्यंत महत्वपूर्ण पठार
| देश | भारत |
| महाद्वीप | एशिया |
| क्षेत्र | प्रायद्वीपीय भारत |
| आकार | लगभग त्रिभुजाकार |
| ऊँचाई | सामान्यतः लगभग 300–600 मीटर; क्षेत्रानुसार अधिक |
| पश्चिमी सीमा | पश्चिमी घाट |
| पूर्वी सीमा | पूर्वी घाट |
| उत्तर की ओर | सतपुड़ा/मध्य उच्चभूमि क्षेत्र |
| प्रमुख चट्टान | बेसाल्ट/लावा |
| प्रमुख मिट्टी | काली मिट्टी |
| प्रमुख नदियाँ | गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि |
दक्कन पठार प्रायद्वीपीय भारत का विशाल पठारी क्षेत्र है और इसके बड़े भाग का निर्माण प्राचीन ज्वालामुखीय लावा प्रवाहों से संबंधित दक्कन ट्रैप से है। विभिन्न स्रोत इसकी सीमा के अनुसार क्षेत्रफल अलग बताते हैं; इसलिए एक ही exact area को सार्वभौमिक आँकड़ा नहीं मानना चाहिए।
दक्कन पठार का ढाल: सामान्यतः पश्चिम से पूर्व।
इसका प्रमाण: अधिकांश प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियाँ → पूर्व की ओर बहती हैं → बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
8. ब्राजीलियाई उच्चभूमि
| महाद्वीप | दक्षिण अमेरिका |
| मुख्य देश | ब्राजील |
| क्षेत्र | ब्राजील के मध्य एवं पूर्वी भाग |
| क्षेत्रफल | लगभग 50 लाख किमी² के व्यापक क्षेत्र का उल्लेख मिलता है |
| ऊँचाई | क्षेत्रानुसार लगभग 300–1,000 मीटर से अधिक |
| प्रमुख नदियाँ | साओ फ्रांसिस्को, पराना आदि से संबंधित |
| विशेषता | विशाल प्राचीन उच्चभूमि |
| दिशा | मध्य/पूर्वी ब्राजील |
महत्व: लौह अयस्क, मैंगनीज, सोना, कृषि, जलविद्युत।
9. गुयाना उच्चभूमि
| महाद्वीप | दक्षिण अमेरिका |
| प्रमुख क्षेत्र | वेनेजुएला, गुयाना, ब्राजील आदि |
| प्रमुख विशेषता | अत्यंत प्राचीन चट्टानी उच्चभूमि |
| प्रमुख स्थलरूप | टेबल-टॉप पर्वत/टेपुई |
| प्रमुख नदी | ओरिनोको क्षेत्र से संबंध |
| प्रमुख आकर्षण | एंजेल जलप्रपात क्षेत्र |
एंजेल जलप्रपात → वेनेजुएला → गुयाना उच्चभूमि के टेपुई क्षेत्र से संबंधित।
10. अरब पठार
अरब प्रायद्वीप का अधिकांश आंतरिक भाग विस्तृत पठारी उच्चभूमि से संबंधित है।
प्रमुख देश:
- सऊदी अरब
- यमन
- ओमान
- संयुक्त अरब अमीरात आदि
प्रमुख उप-क्षेत्र: नज्द पठार — सऊदी अरब के मध्य भाग में।
महत्वपूर्ण linkage: अरब पठार के बड़े हिस्से में शुष्क जलवायु + मरुस्थल + विरल वनस्पति पाई जाती है।
11. मेक्सिको पठार
| महाद्वीप | उत्तरी अमेरिका |
| देश | मेक्सिको |
| क्षेत्रफल | लगभग 6 लाख किमी² |
| औसत ऊँचाई | लगभग 1,800 मीटर |
| दिशा | उत्तर-दक्षिण विस्तृत उच्चभूमि |
| पश्चिम सिरा | मादे ऑक्सीडेंटल |
| पूर्व सिरा | मादे ओरिएंटल |
| दक्षिण | मेक्सिको की उच्चभूमि/ज्वालामुखीय क्षेत्र |
मेक्सिको पठार का क्षेत्रफल लगभग 601,882 किमी² और औसत ऊँचाई लगभग 1,825 मीटर बताई जाती है।
12. इथियोपियाई उच्चभूमि
| महाद्वीप | अफ्रीका |
| प्रमुख देश | इथियोपिया |
| संबंधित क्षेत्र | इरिट्रिया आदि |
| ऊँचाई | कई भाग 1,500–3,000 मीटर |
| प्रमुख नदी | नील की ब्लू नाइल प्रणाली |
| प्रमुख विशेषता | गहरी घाटियाँ और ऊँची पर्वतीय भूमि |
| प्रमुख कृषि | कॉफी, अनाज आदि |
विशेष तथ्य: ब्लू नाइल (अबाय) का उद्गम क्षेत्र → इथियोपियाई उच्चभूमि।
13. कोलोराडो पठार
| महाद्वीप | उत्तरी अमेरिका |
| देश | अमेरिका |
| क्षेत्रफल | लगभग 3,37,000 किमी² |
| प्रमुख राज्य | यूटा, एरिजोना, कोलोराडो, न्यू मैक्सिको |
| ऊँचाई | लगभग 1,500–2,700 मीटर |
| प्रमुख नदी | कोलोराडो |
| प्रसिद्ध स्थल | ग्रैंड कैन्यन |
| प्रकार | उच्च पठारी क्षेत्र |
कोलोराडो पठार का क्षेत्रफल लगभग 337,000 किमी² बताया जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण linkage: कोलोराडो पठार → कोलोराडो नदी → ग्रैंड कैन्यन
14. महाद्वीपवार Top 5 प्रमुख पठार
अब RAS revision के लिए प्रत्येक महाद्वीप के 5 प्रमुख पठारी क्षेत्र।
A. एशिया — Top 5
| क्रम | पठार | प्रमुख देश/क्षेत्र | सामान्य ऊँचाई/विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | तिब्बती पठार | चीन/तिब्बत | 4,500 m+; विश्व का सबसे ऊँचा |
| 2 | ईरानी पठार | ईरान, अफगानिस्तान | ~300–1,500 m |
| 3 | मंगोलियाई पठार | मंगोलिया, चीन | ~1,000–1,500 m |
| 4 | दक्कन पठार | भारत | ~300–600 m सामान्यतः |
| 5 | अनातोलियन पठार | तुर्किये | लगभग 1,000 m से अधिक के व्यापक क्षेत्र |
एशिया के विशेष तथ्य: सबसे ऊँचा → तिब्बती; भारत का प्रमुख → दक्कन; गोबी से संबंध → मंगोलियाई; दाश्त-ए-कवीर/लूत → ईरानी
B. यूरोप — Top 5
यूरोप में बड़े पठारों की सूची एशिया/अफ्रीका की तुलना में अधिक क्षेत्रीय है।
| क्रम | पठार/उच्चभूमि | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | स्पेनिश मेसेटा | स्पेन | इबेरियन प्रायद्वीप की विशाल केंद्रीय उच्चभूमि |
| 2 | स्विस पठार | स्विट्जरलैंड | आल्प्स और जुरा के बीच |
| 3 | बवेरियन पठार | जर्मनी | आल्प्स के उत्तर |
| 4 | बोहेमियन पठार/मासिफ क्षेत्र | चेकिया | मध्य यूरोप |
| 5 | मध्य रूसी उच्चभूमि | रूस | यूरोपीय रूस |
सबसे महत्वपूर्ण: स्पेनिश मेसेटा → स्पेन। मेसेटा = Iberian Peninsula की केंद्रीय उच्चभूमि।
C. अफ्रीका — Top 5
| क्रम | पठार/उच्चभूमि | प्रमुख देश | प्रमुख तथ्य |
|---|---|---|---|
| 1 | इथियोपियाई उच्चभूमि | इथियोपिया | ब्लू नाइल क्षेत्र |
| 2 | पूर्वी अफ्रीकी पठार | केन्या, तंजानिया, युगांडा आदि | रिफ्ट घाटी क्षेत्र |
| 3 | दक्षिण अफ्रीकी पठार | दक्षिण अफ्रीका आदि | विशाल आंतरिक उच्चभूमि |
| 4 | कटांगा पठार | DRC/ज़ाम्बिया क्षेत्र | खनिज संपदा |
| 5 | जोस पठार | नाइजीरिया | टिन खनन के लिए प्रसिद्ध |
विशेष तथ्य: अफ्रीका की उच्चभूमियाँ → पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट सिस्टम से गहराई से जुड़ी हैं।
D. उत्तरी अमेरिका — Top 5
| क्रम | पठार | देश | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | मेक्सिको पठार | मेक्सिको | ~1,825 m औसत |
| 2 | कोलोराडो पठार | अमेरिका | ग्रैंड कैन्यन |
| 3 | कोलंबिया पठार | अमेरिका | विशाल लावा पठार |
| 4 | ग्रेट बेसिन उच्चभूमि | अमेरिका | अंतःस्थलीय drainage |
| 5 | लॉरेंशियन उच्चभूमि | कनाडा | प्राचीन चट्टानी क्षेत्र |
E. दक्षिण अमेरिका — Top 5
| क्रम | उच्चभूमि/पठार | प्रमुख देश | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्राजीलियाई उच्चभूमि | ब्राजील | विशाल प्राचीन उच्चभूमि |
| 2 | गुयाना उच्चभूमि | वेनेजुएला, गुयाना, ब्राजील | टेपुई, एंजेल जलप्रपात |
| 3 | अल्टीप्लानो | बोलीविया, पेरू | एंडीज के बीच उच्च पठार |
| 4 | पेटागोनियन पठार | अर्जेंटीना | एंडीज के पूर्व |
| 5 | ब्राजील का माटो ग्रोसो पठारी क्षेत्र | ब्राजील | आंतरिक उच्चभूमि |
विशेष: अल्टीप्लानो → बोलीविया/पेरू → एंडीज; गुयाना उच्चभूमि → एंजेल जलप्रपात; पेटागोनियन पठार → अर्जेंटीना
F. ऑस्ट्रेलिया/ओशिनिया — Top 5
| क्रम | पठार/उच्चभूमि | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | पश्चिमी पठार | ऑस्ट्रेलिया | ऑस्ट्रेलिया का विशाल आंतरिक/पश्चिमी उच्चभूमि क्षेत्र |
| 2 | किम्बरली पठार | पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया | प्राचीन चट्टानी क्षेत्र |
| 3 | बार्कली पठार | उत्तरी ऑस्ट्रेलिया | विस्तृत घासभूमि |
| 4 | क्वींसलैंड पठारी उच्चभूमि | क्वींसलैंड | पूर्वी उच्चभूमि क्षेत्र |
| 5 | न्यू गिनी उच्चभूमि | पापुआ न्यू गिनी | उच्च पर्वतीय-पठारी क्षेत्र |
ऑस्ट्रेलिया का interior: पठारी उच्चभूमि + मरुस्थल + शुष्क जलवायु का महत्वपूर्ण संयोजन है।
G. अंटार्कटिका — Top 5 प्रमुख पठारी/उच्चभूमि क्षेत्र
अंटार्कटिका में सामान्य महाद्वीपीय पठारों की तुलना में बर्फ से ढकी उच्चभूमि अधिक महत्वपूर्ण है।
| क्रम | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| 1 | अंटार्कटिक आइस शीट/उच्च पठार | अत्यंत ऊँची बर्फीली उच्चभूमि |
| 2 | पोलर पठार | दक्षिण ध्रुवीय उच्चभूमि |
| 3 | क्वीन मौड लैंड उच्चभूमि | पूर्वी अंटार्कटिका |
| 4 | एल्सवर्थ उच्चभूमि | विन्सन क्षेत्र |
| 5 | ट्रांस-अंटार्कटिक उच्चभूमि | पूर्वी-पश्चिमी अंटार्कटिका के बीच |
यहाँ "Top 5" को प्रमुख भौगोलिक उच्चभूमि/पठारी क्षेत्रों के रूप में पढ़ें; इन्हें क्षेत्रफल की कठोर ranking नहीं मानना चाहिए।
15. भारत के Top 5 प्रमुख पठार
भारत में पठारों को केवल "5 सबसे बड़े" कहना सही नहीं होगा। RAS के लिए भौगोलिक और आर्थिक महत्व के आधार पर निम्न पाँच सबसे महत्वपूर्ण हैं।
| क्रम | पठार | प्रमुख क्षेत्र | ऊँचाई/विशेषता | प्रमुख नदी/विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| 1 | दक्कन पठार | महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र आदि | ~300–600 m सामान्यतः | गोदावरी, कृष्णा, कावेरी |
| 2 | मालवा पठार | मध्य प्रदेश, राजस्थान | लगभग 500 m औसत | चंबल, माही |
| 3 | छोटानागपुर पठार | झारखंड व आसपास | ऊँची-नीची पठारी भूमि | दामोदर, स्वर्णरखा |
| 4 | मेघालय/शिलांग पठार | मेघालय | उच्च वर्षा, प्राचीन चट्टानें | उमियाम आदि |
| 5 | बुंदेलखंड पठार | उत्तर प्रदेश–मध्य प्रदेश | प्राचीन कठोर चट्टानें | बेतवा, केन आदि |
भारत के प्रमुख पठारी क्षेत्रों में दक्कन, मालवा, छोटानागपुर, मेघालय, बुंदेलखंड, बघेलखंड और तेलंगाना आदि शामिल हैं।
16. दक्कन पठार — भारत में सबसे महत्वपूर्ण
| स्थिति | नर्मदा के दक्षिण में प्रायद्वीपीय भारत का बड़ा भाग। |
| आकार | त्रिभुजाकार। |
| सीमाएँ | पश्चिम → पश्चिमी घाट; पूर्व → पूर्वी घाट; उत्तर-पश्चिम/उत्तर → सतपुड़ा तथा संबंधित उच्चभूमि |
| ढाल | पश्चिम → पूर्व |
| प्रमुख नदियाँ | गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा, भीमा |
| चट्टान | बेसाल्ट |
| विशेषता | दक्कन ट्रैप |
| मिट्टी | काली मिट्टी / रेगूर |
| प्रमुख फसल | कपास |
17. मालवा पठार
| मुख्य क्षेत्र | मध्य प्रदेश |
| विस्तार | राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग तक |
| औसत ऊँचाई | लगभग 500 मीटर |
| दिशा/ढाल | सामान्यतः उत्तर/उत्तर-पूर्व की ओर |
| प्रमुख नदी | चंबल |
| अन्य नदी | माही |
| चट्टान | दक्कन ट्रैप का प्रभाव |
| मिट्टी | काली मिट्टी |
| प्रमुख फसल | सोयाबीन, गेहूँ आदि |
मालवा पठार को मध्य भारत की प्रमुख उच्चभूमियों में माना जाता है और इसके drainage में चंबल तथा माही की भूमिका महत्वपूर्ण है।
18. छोटानागपुर पठार
| क्षेत्र | मुख्यतः झारखंड तथा आसपास के ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ के कुछ भाग। |
| प्रमुख विशेषता | भारत का प्रमुख खनिज-समृद्ध पठारी क्षेत्र। |
| प्रमुख खनिज | कोयला, लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइट, तांबा आदि |
| प्रमुख उप-पठार | राँची, हजारीबाग, कोडरमा आदि |
| प्रमुख नदी | दामोदर |
छोटानागपुर पठार → खनिज संपदा
19. मेघालय / शिलांग पठार
| स्थिति | मेघालय |
| प्रमुख पहाड़ियाँ | गारो, खासी, जयंतिया |
| विशेषता | यह भारतीय प्रायद्वीपीय पठार का पूर्वांतर विस्तार/अलग हुआ भाग माना जाता है। मुख्य पठारी भू-भाग से इसे गारो–राजमहल गैप के संदर्भ में समझाया जाता है। |
| प्रमुख विशेषता | अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र |
RAS linkage: शिलांग पठार + मेघालय + उच्च वर्षा + चूना-पत्थर/कार्स्ट स्थलरूप
20. बुंदेलखंड पठार
| स्थिति | उत्तर प्रदेश + मध्य प्रदेश |
| प्रमुख चट्टान | प्राचीन कठोर क्रिस्टलीय आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानें। |
| प्रमुख नदियाँ | बेतवा, केन, धसान आदि |
| प्रमुख विशेषता | पथरीला भू-भाग, अपेक्षाकृत कम वर्षा, सूखा-प्रवण क्षेत्र |
अतिरिक्त तथ्य: पन्ना क्षेत्र हीरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
21. भारत के पठार — दिशा एवं विशेषता
| पठार | दिशा/स्थान | प्रमुख विशेषता |
|---|---|---|
| दक्कन | दक्षिण भारत | लावा, काली मिट्टी |
| मालवा | मध्य-पश्चिम भारत | चंबल, काली मिट्टी |
| छोटानागपुर | पूर्वी भारत | खनिज |
| मेघालय | पूर्वीतर | उच्च वर्षा |
| बुंदेलखंड | मध्य भारत | कठोर चट्टान, सूखा |
22. पठार + प्रमुख नदी
| पठार | संबंधित नदी |
|---|---|
| दक्कन | गोदावरी, कृष्णा, कावेरी |
| मालवा | चंबल, माही |
| छोटानागपुर | दामोदर, स्वर्णरेखा |
| बुंदेलखंड | बेतवा, केन |
| तिब्बती | सिंधु, सतलुज, ब्रह्मपुत्र आदि से संबंधित |
| कोलोराडो | कोलोराडो नदी |
| इथियोपियाई | ब्लू नाइल |
| ब्राजीलियाई | पराना, साओ फ्रांसिस्को |
| गुयाना | ओरिनोको क्षेत्र |
| अल्टीप्लानो | टिटिकाका क्षेत्र/एंडियन drainage |
23. पठार + विशेष तथ्य
| पठार | याद रखने योग्य तथ्य |
|---|---|
| तिब्बती | विश्व का सबसे ऊँचा एवं सबसे बड़ा पठार |
| ईरानी | पश्चिमी/दक्षिण-पश्चिमी एशिया की विशाल उच्चभूमि |
| मंगोलियाई | गोबी क्षेत्र से संबंध |
| दक्कन | लावा एवं काली मिट्टी |
| ब्राजीलियाई | विशाल प्राचीन उच्चभूमि |
| गुयाना | टेपुई एवं एंजेल जलप्रपात |
| मेक्सिको | लगभग 1,825 m औसत ऊँचाई |
| कोलोराडो | ग्रैंड कैन्यन |
| इथियोपियाई | ब्लू नाइल क्षेत्र |
| छोटानागपुर | खनिज संपदा |
24. RAS PRELIMS — सबसे महत्वपूर्ण Fact Traps
- ट्रैप 1: विश्व का सबसे ऊँचा पठार → तिब्बती पठार
- ट्रैप 2: विश्व का सबसे बड़ा पठार → तिब्बती पठार (भौगोलिक सामान्य वर्गीकरण में)। USGS दोनों विशेषताएँ स्पष्ट रूप से बताता है।
- ट्रैप 3: भारत का सबसे बड़ा प्रमुख पठार → दक्कन पठार
- ट्रैप 4: खनिज संपदा → छोटानागपुर पठार
- ट्रैप 5: काली मिट्टी + कपास → दक्कन पठार
- ट्रैप 6: ग्रैंड कैन्यन → कोलोराडो पठार
- ट्रैप 7: एंजेल जलप्रपात → गुयाना उच्चभूमि
- ट्रैप 8: ब्लू नाइल → इथियोपियाई उच्चभूमि
- ट्रैप 9: गोबी → मंगोलियाई पठार क्षेत्र
- ट्रैप 10: दक्कन पठार की सामान्य ढाल → पश्चिम से पूर्व
25. QUICK REVISION — विश्व
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विश्व का सबसे ऊँचा पठार | तिब्बती पठार |
| विश्व का सबसे बड़ा पठार | तिब्बती पठार |
| तिब्बती पठार का उपनाम | विश्व की छत |
| तिब्बती पठार की औसत ऊँचाई | 4,500 m+ |
| एशिया का प्रमुख ज्वालामुखीय पठार | दक्कन |
| दक्षिण अमेरिका का विशाल उच्चभूमि क्षेत्र | ब्राजीलियाई उच्चभूमि |
| एंजेल जलप्रपात का पठारी क्षेत्र | गुयाना उच्चभूमि |
| ग्रैंड कैन्यन का पठार | कोलोराडो |
| मेक्सिको का प्रमुख पठार | मेक्सिको पठार |
| ब्लू नाइल का उच्चभूमि क्षेत्र | इथियोपियाई उच्चभूमि |
| गोबी से संबंधित पठार | मंगोलियाई पठार |
| ईरान का प्रमुख उच्चभूमि क्षेत्र | ईरानी पठार |
26. QUICK REVISION — भारत
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| भारत का सबसे बड़ा प्रमुख पठार | दक्कन पठार |
| दक्कन पठार की प्रमुख चट्टान | बेसाल्ट |
| दक्कन का प्रसिद्ध लावा क्षेत्र | दक्कन ट्रैप |
| दक्कन की प्रमुख मिट्टी | काली मिट्टी |
| दक्कन की सामान्य ढाल | पश्चिम से पूर्व |
| खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध | छोटानागपुर पठार |
| मालवा की प्रमुख नदी | चंबल |
| मेघालय पठार की प्रमुख पहाड़ियाँ | गारो, खासी, जयंतिया |
| बुंदेलखंड की प्रमुख चट्टान | कठोर क्रिस्टलीय चट्टानें |
| पन्ना किसके लिए प्रसिद्ध | हीरा |
27. परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले 20 जोड़े
- तिब्बती पठार — विश्व का सबसे ऊँचा पठार
- तिब्बती पठार — विश्व का सबसे बड़ा पठार
- दक्कन पठार — बेसाल्ट
- दक्कन पठार — काली मिट्टी
- दक्कन पठार — गोदावरी
- मालवा पठार — चंबल
- छोटानागपुर — खनिज
- छोटानागपुर — दामोदर
- मेघालय — शिलांग पठार
- मेघालय — गारो-खासी-जयंतिया
- बुंदेलखंड — बेतवा/केन
- गुयाना उच्चभूमि — टेपुई
- गुयाना उच्चभूमि — एंजेल जलप्रपात
- कोलोराडो पठार — ग्रैंड कैन्यन
- इथियोपियाई उच्चभूमि — ब्लू नाइल
- मंगोलियाई पठार — गोबी
- ईरानी पठार — दाश्त-ए-क्वीर
- ईरानी पठार — दाश्त-ए-लूत
- मेक्सिको पठार — मेक्सिको
- अल्टीप्लानो — बोलीविया/पेरू
भाग-C : मैदान (Plains)
1. मैदान क्या है?
मैदान (Plain) पृथ्वी की सतह का अपेक्षाकृत विस्तृत और समतल या हल्की ढाल वाला भू-भाग है।
मैदानों की सामान्य विशेषताएँ:
- कम ऊँचाई
- कम ढाल
- विस्तृत समतल क्षेत्र
- नदियों द्वारा निक्षेपण की महत्वपूर्ण भूमिका
- कृषि के लिए अनुकूल
- मानव बस्तियों का अधिक विकास
- परिवहन एवं उद्योग के लिए सुविधाजनक
- कई बड़े मैदान बाढ़-प्रवण भी होते हैं।
मैदान = केवल नदी द्वारा बनाया गया भू-भाग नहीं।
मैदानों के निर्माण में: नदी, हिमानी, समुद्र, वायु, झील, निक्षेपण, अपरदन, भूगर्भीय उत्थान/अवसादन — सभी की भूमिका हो सकती है।
2. मैदानों के प्रमुख प्रकार
- जलोढ़ मैदान — Alluvial Plains: नदियों द्वारा लाई गई गाद/अवसाद के निक्षेपण से। उदाहरण: गंगा का मैदान, सिंध का मैदान, मिसीसिपी का मैदान।
- बाढ़ मैदान — Flood Plains: नदी के बार-बार बाढ़ आने और अवसाद जमा करने से।
- तटीय मैदान — Coastal Plains: समुद्र के किनारे स्थित समतल भू-भाग। उदाहरण: चीन का पूर्वी तटीय मैदान, भारत के पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय मैदान।
- हिमानी मैदान — Glacial Plains: हिमनदों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से।
- लोएस मैदान — Loess Plains: हवा द्वारा लाई गई महीन धूल/गाद के जमाव से। उदाहरण: चीन का लोएस क्षेत्र।
3. विश्व के प्रमुख 10 मैदान
विश्व के मैदानों की exact "Top 10" ranking स्रोत और सीमा-निर्धारण पर निर्भर करती है। इसलिए यहाँ क्षेत्रफल, विस्तार, भौगोलिक महत्त्व, कृषि एवं RAS relevance के आधार पर प्रमुख मैदान दिए जा रहे हैं।
| क्रम | मैदान | लगभग क्षेत्रफल/विस्तार | प्रमुख देश | महाद्वीप | प्रमुख नदी/संबंध |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | पश्चिम साइबेरियाई मैदान | ~26 लाख किमी² | रूस, कजाखस्तान | एशिया | ओब, इरतीश |
| 2 | इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान | ~7–8 लाख किमी²* | भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश | एशिया | सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र |
| 3 | उत्तर चीन का मैदान | ~3 लाख किमी² | चीन | एशिया | हुआंग हो, हाई आदि |
| 4 | ग्रेट यूरोपियन/उत्तर यूरोपीय मैदान | ~20 लाख किमी² के व्यापक क्षेत्र में | फ्रांस से रूस तक कई देश | यूरोप | अनेक नदियाँ |
| 5 | पूर्वी यूरोपीय मैदान | ~40 लाख किमी² तक का व्यापक क्षेत्र | रूस, यूक्रेन आदि | यूरोप | वोल्गा, नीपर आदि |
| 6 | ग्रेट प्लेन्स | ~13 लाख किमी² | अमेरिका, कनाडा | उत्तरी अमेरिका | मिसौरी आदि |
| 7 | मिसीसिपी-मिसौरी मैदान | विशाल नदी बेसिन | अमेरिका | उत्तरी अमेरिका | मिसीसिपी-मिसौरी |
| 8 | पम्पास | ~7.5 लाख किमी² के आसपास | अर्जेंटीना, उरुग्वे | दक्षिण अमेरिका | पराना-उरुग्वे तंत्र |
| 9 | लानोस | ~7.0 लाख किमी² के आसपास | वेनेजुएला, कोलंबिया | दक्षिण अमेरिका | ओरिनोको |
| 10 | अमेजन मैदान | ~50–60 लाख किमी² विशाल क्षेत्र* | ब्राजील, पेरू, कोलंबिया आदि | दक्षिण अमेरिका | अमेजन |
*क्षेत्रफल की गणना इस बात पर निर्भर करती है कि केवल plain लिया गया है या संबंधित river basin/broad physiographic region। इसलिए परीक्षा में स्रोत/परिभाषा को ध्यान में रखना होगा।
4. पश्चिम साइबेरियाई मैदान
| नाम | पश्चिम साइबेरियाई मैदान |
| महाद्वीप | एशिया |
| मुख्य देश | रूस |
| दक्षिण-पश्चिमी भाग | कजाखस्तान तक |
| क्षेत्रफल | लगभग 26 लाख किमी² |
| लंबाई | लगभग 2,500 किमी |
| चौड़ाई | लगभग 1,500 किमी |
| पश्चिमी सीमा | यूराल पर्वत |
| पूर्वी सीमा | येनिसेई नदी |
| दक्षिण-पूर्व | अल्ताई पर्वत |
| प्रमुख नदी | ओब |
| प्रमुख सहायक | इरतीश |
| विशेषता | अत्यंत समतल, दलदली और बाढ़-प्रवण क्षेत्र |
पश्चिम साइबेरियाई मैदान यूराल पर्वत और येनिसेई नदी के बीच स्थित विशाल निम्नभूमि है और दुनिया के सबसे बड़े निरंतर समतल क्षेत्रों में से एक है। इसके बड़े हिस्से में खराब drainage तथा विशाल wetlands/floodplains हैं।
यूराल → पश्चिम साइबेरियाई मैदान → येनिसेई — इस भौगोलिक क्रम को याद रखें।
पश्चिम साइबेरियाई मैदान की विशेषताएँ:
- अत्यंत समतल: ढाल बहुत कम होने के कारण जल निकासी धीमी है।
- दलदली क्षेत्र: विशाल wetlands पाए जाते हैं।
- ठंडी जलवायु: उत्तरी भागों में लंबे समय तक बर्फ जमने की स्थिति।
- प्राकृतिक संसाधन: यह क्षेत्र पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- प्रमुख शहर: नोवोसिबिर्स्क, ओम्स्क, टॉम्स्क, सर्गूट, निजनेवार्तोव्स्क।
इस मैदान की सबसे महत्वपूर्ण contemporary geographical issues में: जलवायु परिवर्तन + permafrost + बाढ़ + जल निकासी + तेल एवं गैस क्षेत्र शामिल हैं।
RAS में इसे केवल "रूस का मैदान" न पढ़ें।
संभावित प्रश्न: पश्चिम साइबेरियाई मैदान में व्यापक दलदली क्षेत्रों के विकास का प्रमुख भौगोलिक कारण क्या है?
उत्तर की दिशा: अत्यंत कम ढाल + खराब drainage + ठंडी जलवायु।
5. इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान
यह RAS के लिए सबसे महत्वपूर्ण मैदानों में से एक है।
स्थिति: दक्षिण एशिया में: पाकिस्तान → उत्तर भारत → नेपाल की तराई → बांग्लादेश तक विस्तृत।
प्रमुख नदियाँ: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, इनकी अनेक सहायक नदियाँ।
निर्माण: मुख्यतः हिमालय और प्रायद्वीपीय उच्चभूमि से आने वाले जलोढ़ निक्षेपों से।
इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान की प्रमुख विशेषताएँ:
- अत्यंत उपजाऊ: जलोढ़ मिट्टी के कारण।
- अत्यधिक जनसंख्या: विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में।
- कृषि: गेहूँ, चावल, गन्ना, दाल, जूट।
- नदी-तंत्र: तीन प्रमुख नदी प्रणालियाँ: सिंधु → गंगा → ब्रह्मपुत्र।
- स्थलाकृति: पश्चिम से पूर्व की ओर कई प्रकार के जलोढ़ निक्षेप।
इंडो-गंगा मैदान के महत्वपूर्ण उप-क्षेत्र:
- पंजाब का मैदान: सिंधु तंत्र की नदियों से संबंधित।
- गंगा का मैदान: गंगा एवं उसकी सहायक नदियों से संबंधित।
- ब्रह्मपुत्र का मैदान: मुख्यतः असम एवं बांग्लादेश क्षेत्र।
2025 — प्रयागराज/गंगा-यमुना क्षेत्र: जुलाई 2025 में लगातार ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों, विशेषकर यमुना, में जलस्तर बढ़ा और प्रयागराज के आसपास गंगा-यमुना संगम क्षेत्र में बाढ़ जैसी परिस्थितियाँ बनी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान से संबंधित IIRS ने जुलाई 2025 में प्रयागराज क्षेत्र के गंगा floodplain में SWOT तथा Sentinel-1 आधारित flood-water monitoring का अध्ययन प्रकाशित किया।
RAS linkage: इंडो-गंगा मैदान → मानसूनी वर्षा → हिमालयी जलग्रहण → नदी discharge → जलोढ़ मैदान → बाढ़ → Remote Sensing / Satellite Monitoring
यह एक अच्छा Static + Current Affairs integrated question बन सकता है।
6. उत्तर चीन का मैदान
| नाम | उत्तर चीन का मैदान |
| देश | चीन |
| महाद्वीप | एशिया |
| प्रमुख नदी | हुआंग हो |
| अन्य नदी प्रणालियाँ | हाई, हुआई आदि |
| प्रमुख शहर/क्षेत्र | बीजिंग-तियानजिन क्षेत्र से संबंधित व्यापक क्षेत्र |
| मिट्टी | अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ |
| प्रमुख कृषि | गेहूँ, मक्का आदि |
| प्रमुख समस्या | बाढ़, सूखा, जल संकट |
विशेषता: हुआंग हो द्वारा लाए गए भारी sediment के कारण यह मैदान विकसित हुआ है। इसी कारण Huang He को ऐतिहासिक रूप से China's Sorrow से जोड़ा जाता है, क्योंकि इसके विनाशकारी बाढ़ों का लंबा इतिहास रहा है।
2025 में उत्तर चीन में अत्यधिक वर्षा की एक महत्वपूर्ण घटना हुई। जुलाई 2025 के अंतिम हिस्से में उत्तर चीन में एक असाधारण extreme rainfall event हुआ। 2026 के प्रकाशित वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र सामान्य घटनाओं की तुलना में लगभग चार गुना बड़ा था और rainfall intensity climatological mean की लगभग 1.5 गुना थी।
2026 में इसका अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है? 2026 में प्रकाशित शोध ने 2025 की इस घटना को climate perspective से analyse किया और उत्तर चीन के भविष्य के flood risk पर इसके implications पर चर्चा की।
RAS linkage: उत्तर चीन मैदान → समतल निम्नभूमि → अत्यधिक जनसंख्या → हुआंग हो → मानसूनी वर्षा → बाढ़ → climate variability → flood-risk management
जुलाई 2026 में Typhoon Bavi से संबंधित अत्यधिक वर्षा के कारण उत्तरी चीन में, विशेषकर Hebei और Liaoning, में गंभीर बाढ़ आई। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हुई और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बात: यह घटना उत्तर चीन के मैदान की निम्न ऊँचाई + घनी आबादी + भारी वर्षा + बाढ़ जोखिम को contemporary example देती है।
7. उत्तर यूरोपीय मैदान
स्थिति: पश्चिमी यूरोप से पूर्व की ओर रूस तक विस्तृत विशाल निम्नभूमि क्षेत्र।
संबंधित देश: फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, जर्मनी, पोलैंड, बेलारूस, रूस आदि।
विशेषताएँ:
- अत्यंत समतल
- कृषि के लिए अनुकूल
- घनी आबादी
- औद्योगिक विकास
- परिवहन के लिए सुविधाजनक
प्रमुख नदियाँ: राइन, एल्बे, विस्तूला, ओडर आदि।
8. पूर्वी यूरोपीय मैदान
प्रमुख क्षेत्र: मुख्यतः रूस + यूक्रेन + बेलारूस आदि।
प्रमुख नदी: वोल्गा। इसके अलावा: नीपर, डॉन, डनीस्टर।
विशेषता: यह यूरोप के सबसे विशाल निम्नभूमि क्षेत्रों में से एक है।
वोल्गा → पूर्वी यूरोपीय मैदान
9. ग्रेट प्लेन्स — उत्तरी अमेरिका
| नाम | ग्रेट प्लेन्स |
| महाद्वीप | उत्तरी अमेरिका |
| देश | अमेरिका, कनाडा |
| पश्चिमी सीमा | रॉकी पर्वत |
| पूर्वी सीमा | सामान्यतः सेंट्रल लोलैंड/मिसीसिपी क्षेत्र की ओर |
| उत्तर | कनाडा |
| दक्षिण | टेक्सास की ओर |
| प्रमुख नदी | मिसौरी |
| प्रमुख आर्थिक गतिविधि | कृषि + पशुपालन |
प्रमुख कृषि: गेहूँ, मक्का, ज्वार, पशुपालन।
उपक्षेत्र: High Plains, Great Plains, Southern Plains आदि।
यह क्षेत्र drought-flood variability के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण current-affairs geography example बन गया है।
2025–2026: Southern Plains में अगस्त 2025 से शुरू हुई कृषि सूखा स्थिति 2026 की शुरुआत तक गंभीर हुई। मई 2026 के अमेरिकी Drought.gov update के अनुसार: Texas में winter wheat abandonment लगभग 70%, Oklahoma में 47%, Kansas में 17% बताया गया। Southern Plains में exceptional drought भी दर्ज हुआ।
फिर 2026 में: जून–जुलाई 2026 में Plains के कई भागों में भारी वर्षा हुई और कुछ क्षेत्रों में flash/lowland flooding भी हुई।
RAS Concept: यह textbook fact को current event से जोड़ता है: Great Plains → कृषि क्षेत्र → drought → wheat production → heavy rainfall → flood
10. मिसीसिपी-मिसौरी मैदान
प्रमुख नदी: मिसीसिपी। प्रमुख सहायक: मिसौरी।
महत्व: अत्यंत उपजाऊ, कृषि, जल परिवहन, बाढ़ का खतरा।
प्रमुख फसलें: मक्का, सोयाबीन, गेहूँ, कपास।
RAS linkage: Mississippi–Missouri → North America का विशाल river system → alluvial/floodplain agriculture
11. पम्पास मैदान
स्थिति: मुख्यतः अर्जेंटीना + उरुग्वे। महाद्वीप: दक्षिण अमेरिका।
प्रमुख विशेषता: विश्व के सबसे महत्वपूर्ण temperate agricultural grassland regions में से एक।
प्रमुख गतिविधियाँ: गेहूँ, मक्का, सोयाबीन, पशुपालन।
मिट्टी: उपजाऊ घासभूमि/जलोढ़-लोएस आधारित मिट्टी।
Pampas → Argentina | Pampas → Uruguay | Pampas → South America | Pampas → temperate grassland | Pampas → wheat + cattle
11. लानोस मैदान
स्थिति: मुख्यतः वेनेजुएला + कोलंबिया। महाद्वीप: दक्षिण अमेरिका।
प्रमुख नदी: ओरिनोको।
विशेषता: यह उष्णकटिबंधीय घासभूमि/मैदानी क्षेत्र है।
12. अमेजन मैदान
स्थिति: मुख्यतः ब्राजील। साथ ही: पेरू, कोलंबिया, बोलीविया, इक्वाडोर आदि।
नदी: अमेजन। महाद्वीप: दक्षिण अमेरिका।
विशेषताएँ:
- विशाल निम्नभूमि
- अत्यधिक वर्षा
- घना उष्णकटिबंधीय वर्षावन
- विशाल नदी तंत्र
- जैव-विविधता
- बाढ़ का प्राकृतिक चक्र
Amazon Basin के लिए contemporary Geography में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे:
- deforestation
- forest degradation
- drought
- river-level changes
- biodiversity
- climate change
इसलिए RAS में Amazon को केवल "विश्व का सबसे बड़ा नदी बेसिन" के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
संभावित प्रश्न: अमेजन मैदान में प्राकृतिक बाढ़ का पारिस्थितिक महत्व किस प्रकार है? या अमेजन बेसिन में वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन का जल-चक्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
विश्व के मैदान — महाद्वीपवार Top 5
अब प्रत्येक महाद्वीप के महत्वपूर्ण मैदान।
A. एशिया — Top 5
| क्रम | मैदान | प्रमुख देश | प्रमुख नदी/विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान | भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश | सिंधु–गंगा–ब्रह्मपुत्र |
| 2 | पश्चिम साइबेरियाई मैदान | रूस | ओब–इरतीश |
| 3 | उत्तर चीन का मैदान | चीन | हुआंग हो |
| 4 | मेसोपोटामिया मैदान | इराक आदि | टिगरिस–यूफ्रेट्स |
| 5 | मंचूरियन मैदान | चीन | उत्तर-पूर्वी चीन |
एशिया की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा त्रयी: इंडो-गंगा → दक्षिण एशिया; पश्चिम साइबेरियाई → रूस; उत्तर चीन → चीन।
B. यूरोप — Top 5
| क्रम | मैदान | प्रमुख क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्वी यूरोपीय मैदान | रूस, यूक्रेन आदि | यूरोप का विशाल निम्नभूमि क्षेत्र |
| 2 | उत्तर यूरोपीय मैदान | फ्रांस–रूस | कृषि + घनी आबादी |
| 3 | पैनोनियन मैदान | हंगरी एवं आसपास | डेन्यूब तंत्र |
| 4 | लोम्बार्डी मैदान | उत्तरी इटली | पो नदी |
| 5 | पो मैदान | इटली | पो नदी, अत्यंत उपजाऊ |
महत्वपूर्ण: पो मैदान → इटली; पैनोनियन → हंगरी/मध्य यूरोप।
C. अफ्रीका — Top 5
अफ्रीका में एशिया जैसी विशाल continuous alluvial plains कम हैं, लेकिन महत्वपूर्ण निम्नभूमि क्षेत्र हैं।
| क्रम | मैदान | क्षेत्र | प्रमुख नदी |
|---|---|---|---|
| 1 | नील मैदान | मिस्र, सूडान | नील |
| 2 | कांगो बेसिन/मैदान | DRC आदि | कांगो |
| 3 | नाइजर आंतरिक डेल्टा मैदान | माली | नाइजर |
| 4 | सेनेगल नदी मैदान | सेनेगल-मॉरिटानिया | सेनेगल |
| 5 | ओकावांगो मैदान/डेल्टा | बोत्सवाना | ओकावांगो |
ओकावांगो → समुद्र में नहीं गिरता → आंतरिक डेल्टा। यह बहुत महत्वपूर्ण factual question है।
D. उत्तरी अमेरिका — Top 5
| क्रम | मैदान | प्रमुख देश | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | ग्रेट प्लेन्स | अमेरिका-कनाडा | गेहूँ/पशुपालन |
| 2 | मिसीसिपी मैदान | अमेरिका | विशाल नदी-बाढ़ मैदान |
| 3 | अटलांटिक तटीय मैदान | अमेरिका | पूर्वी तट |
| 4 | गल्फ तटीय मैदान | अमेरिका | मेक्सिको की खाड़ी |
| 5 | सेंट लॉरेंस निम्नभूमि | कनाडा–अमेरिका | कृषि/शहरी क्षेत्र |
E. दक्षिण अमेरिका — Top 5
| क्रम | मैदान | देश/क्षेत्र | प्रमुख नदी/विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | अमेजन मैदान | ब्राजील आदि | अमेजन |
| 2 | पम्पास | अर्जेंटीना, उरुग्वे | कृषि/घासभूमि |
| 3 | लानोस | वेनेजुएला, कोलंबिया | ओरिनोको |
| 4 | लाप्लाटा मैदान | अर्जेंटीना आदि | पराना-उरुग्वे |
| 5 | ग्रान चाको मैदान | अर्जेंटीना, बोलीविया, पैराग्वे | शुष्क/अर्ध-शुष्क निम्नभूमि |
F. ऑस्ट्रेलिया/ओशिनिया — Top 5
| क्रम | मैदान/निम्नभूमि | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | मरे–डार्लिंग बेसिन | ऑस्ट्रेलिया | कृषि |
| 2 | नलाबर मैदान | दक्षिण ऑस्ट्रेलिया | विशाल चूना-पत्थरीय समतल क्षेत्र |
| 3 | कैंटरबरी मैदान | न्यूजीलैंड | कृषि |
| 4 | मिचेल घासभूमि/मैदानी क्षेत्र | उत्तरी ऑस्ट्रेलिया | उष्णकटिबंधीय grassland |
| 5 | सेंट्रल लोलैंड | ऑस्ट्रेलिया | आंतरिक निम्नभूमि |
G. अंटार्कटिका
अंटार्कटिका में सामान्य गर्म महाद्वीपीय मैदानों की तरह विशाल कृषि मैदान नहीं हैं। फिर भी बर्फ से ढके निम्न/समतल तटीय और ice-shelf क्षेत्रों को भौगोलिक रूप से समझना आवश्यक है।
महत्वपूर्ण क्षेत्र:
- Ross Ice Shelf
- Filchner-Ronne Ice Shelf
- Amery Ice Shelf
- Larsen Ice Shelf region
- तटीय बर्फीले मैदान
Antarctica → ice-covered continent। इसलिए यहाँ "plain" का अर्थ सामान्य agricultural alluvial plain नहीं है।
भारत के Top 5 प्रमुख मैदान
अब भारत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा।
| क्रम | मैदान | प्रमुख क्षेत्र | प्रमुख नदी/नदियाँ |
|---|---|---|---|
| 1 | सिंधु मैदान | पंजाब, हरियाणा/पश्चिमी क्षेत्र एवं पाकिस्तान | सिंधु तंत्र |
| 2 | गंगा का मैदान | उत्तर भारत | गंगा एवं सहायक |
| 3 | ब्रह्मपुत्र मैदान | असम एवं बांग्लादेश | ब्रह्मपुत्र |
| 4 | राजस्थान का मैदान | पश्चिमी राजस्थान | लूणी/अंतःस्थलीय drainage |
| 5 | तटीय मैदान | पूर्वी एवं पश्चिमी भारत | समुद्री/नदीय निक्षेप |
लेकिन RAS में भारत के मैदानों को केवल पाँच नामों से नहीं पढ़ना चाहिए।
उत्तरी मैदान के भीतर: भाबर, तराई, बांगर, खादर, डेल्टा — विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
भारत का उत्तरी मैदान
निर्माण: मुख्यतः सिंधु + गंगा + ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र के जलोढ़ निक्षेपों से।
मुख्य विशेषताएँ:
- अत्यंत उपजाऊ
- घनी आबादी
- कृषि प्रधान
- समतल भूमि
- परिवहन सुविधाजनक
- बाढ़ का खतरा
भाबर: स्थिति — हिमालय की तलहटी में। विशेषता — बड़े-बड़े कंकड़-पत्थरों के निक्षेप। जल — नदियाँ कई जगह सतह से नीचे चली जाती हैं।
तराई: भाबर के दक्षिण में। यहाँ भूमिगत जल पुनः सतह के निकट आता है। विशेषता — दलदली/नम क्षेत्र, घने वन, अधिक जैव-विविधता।
बांगर: अर्थ — पुराना जलोढ़ (Old Alluvium)। विशेषता — अपेक्षाकृत ऊँचा, सामान्य बाढ़ स्तर से ऊपर, पुराने जलोढ़ निक्षेप।
खादर: अर्थ — नया जलोढ़ (New Alluvium)। विशेषता — नदी के बाढ़ क्षेत्र में, हर वर्ष/समय-समय पर नया निक्षेप, अत्यंत उपजाऊ।
बांगर = पुराना जलोढ़ | खादर = नया जलोढ़
2025 में उत्तर भारत के गंगा मैदान में गंगा-यमुना floodplain की बाढ़ स्थिति पर भारतीय Institute of Remote Sensing द्वारा satellite-based study की गई। इसमें जुलाई 2025 के दौरान प्रयागराज क्षेत्र में नदी जलस्तर और flood-water extent की निगरानी की गई।
परीक्षा में linkage: खादर → बाढ़ क्षेत्र → नया जलोढ़ → अधिक उपजाऊ। इसे 2025 के flood monitoring example से जोड़ा जा सकता है।
मैदानों की कृषि महता
| मैदान | प्रमुख कृषि |
|---|---|
| इंडो-गंगा | गेहूँ, चावल, गन्ना |
| उत्तर चीन | गेहूँ, मक्का |
| पम्पास | गेहूँ, मक्का, सोयाबीन |
| ग्रेट प्लेन्स | गेहूँ, मक्का, पशुपालन |
| नील मैदान | गेहूँ, कपास, चावल आदि |
| अमेजन | सीमित पारंपरिक कृषि + वन संसाधन |
| मरे-डार्लिंग | गेहूँ, कपास, पशुपालन |
22. मैदान + नदी — अत्यंत महत्वपूर्ण जोड़े
| मैदान | नदी |
|---|---|
| पश्चिम साइबेरियाई | ओब-इरतीश |
| इंडो-गंगा | सिंधु-गंगा |
| ब्रह्मपुत्र मैदान | ब्रह्मपुत्र |
| उत्तर चीन | हुआंग हो |
| पूर्वी यूरोपीय | वोल्गा |
| पो मैदान | पो |
| नील मैदान | नील |
| ग्रेट प्लेन्स | मिसौरी/प्लैट आदि |
| मिसीसिपी मैदान | मिसीसिपी |
| पम्पास | पराना–उरुग्वे क्षेत्र |
| लानोस | ओरिनोको |
| अमेजन | अमेजन |
| मरे-डार्लिंग | मरे–डार्लिंग |
23. मैदान + देश — RAS Fact Bank
- पम्पास → अर्जेंटीना/उरुग्वे
- लानोस → वेनेजुएला/कोलंबिया
- ग्रेट प्लेन्स → अमेरिका/कनाडा
- पो मैदान → इटली
- पैनोनियन मैदान → हंगरी
- नील मैदान → मिस्र
- पश्चिम साइबेरियाई मैदान → रूस
- उत्तर चीन मैदान → चीन
- इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र → दक्षिण एशिया
- अमेजन मैदान → ब्राजील एवं आसपास
24. सबसे महत्वपूर्ण तुलना
पश्चिम साइबेरियाई मैदान बनाम इंडो-गंगा मैदान
| विशेषता | पश्चिम साइबेरियाई | इंडो-गंगा |
|---|---|---|
| महाद्वीप | एशिया | एशिया |
| मुख्य क्षेत्र | रूस | भारत आदि |
| जलवायु | ठंडी | मानसूनी |
| प्रमुख नदी | ओब | गंगा/सिंधु/ब्रह्मपुत्र |
| वनस्पति | टैगा/दलदली | कृषि/घास/मानवीय बसावट |
| प्रमुख समस्या | जलनिकासी/दलदल | बाढ़/कटाव |
25. मैदान — सबसे महत्वपूर्ण Current Affairs Connections
- 2025 — इंडो-गंगा मैदान: प्रयागराज में गंगा-यमुना floodplain monitoring।
- 2025 — उत्तर चीन मैदान: अत्यधिक वर्षा की असाधारण घटना; 2026 के अध्ययन में इसका climate-risk analysis प्रकाशित हुआ।
- 2026 — उत्तर चीन: Typhoon Bavi से Hebei/Liaoning सहित उत्तरी चीन में गंभीर बाढ़।
- 2025–26 — Great/Southern Plains: अत्यधिक कृषि सूखे के बाद 2026 में कई Plains क्षेत्रों में भारी वर्षा एवं flooding।
26. RAS Prelims — 25 सबसे महत्वपूर्ण Fact Traps
- बांगर → पुराना जलोढ़
- खादर → नया जलोढ़
- भाबर → कंकड़-पत्थर, नदियों का लुप्त होना
- तराई → नम/दलदली क्षेत्र
- पम्पास → अर्जेंटीना
- लानोस → वेनेजुएला/कोलंबिया
- लानोस → ओरिनोको
- ग्रेट प्लेन्स → अमेरिका/कनाडा
- पो मैदान → इटली
- पैनोनियन मैदान → हंगरी
- पश्चिम साइबेरियाई → ओब
- पश्चिम साइबेरियाई → यूराल से येनिसेई के बीच
- उत्तर चीन मैदान → हुआंग हो
- पूर्वी यूरोपीय मैदान → वोल्गा
- नील मैदान → मिस्र
- ओकावांगो → आंतरिक डेल्टा
- अमेजन → दक्षिण अमेरिका
- पम्पास → समशीतोष्ण घासभूमि
- ग्रेट प्लेन्स → गेहूं/पशुपालन
- इंडो-गंगा → जलोढ़ मिट्टी
- उत्तर चीन → बाढ़ जोखिम
- खादर → बाढ़ से नया निक्षेप
- मिसीसिपी → विशाल बाढ़ मैदान
- मरे-डार्लिंग → ऑस्ट्रेलियाई कृषि क्षेत्र
- इंडो-गंगा मैदान → अत्यधिक जनसंख्या घनत्व
27. महाद्वीप → प्रमुख मैदान → प्रमुख नदी
| महाद्वीप | मैदान | नदी |
|---|---|---|
| एशिया | इंडो-गंगा | गंगा/सिंधु/ब्रह्मपुत्र |
| एशिया | पश्चिम साइबेरियाई | ओब |
| एशिया | उत्तर चीन | हुआंग हो |
| यूरोप | पूर्वी यूरोपीय | वोल्गा |
| यूरोप | पो | पो |
| अफ्रीका | नील | नील |
| अफ्रीका | कांगो | कांगो |
| उत्तरी अमेरिका | ग्रेट प्लेन्स | मिसौरी |
| उत्तरी अमेरिका | मिसीसिपी | मिसीसिपी |
| दक्षिण अमेरिका | अमेजन | अमेजन |
| दक्षिण अमेरिका | पम्पास | पराना/उरुग्वे तंत्र |
| दक्षिण अमेरिका | लानोस | ओरिनोको |
| ऑस्ट्रेलिया | मरे-डार्लिंग | मरे-डार्लिंग |
28. अंतिम Quick Revision
विश्व
- सबसे महत्वपूर्ण विशाल एशियाई मैदान → पश्चिम साइबेरियाई → इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र → उत्तर चीन
- यूरोप → पूर्वी यूरोपीय → उत्तर यूरोपीय → पैनोनियन → पो
- अफ्रीका → नील → कांगो → नाइजर → ओकावांगो
- उत्तरी अमेरिका → ग्रेट प्लेन्स → मिसीसिपी मैदान
- दक्षिण अमेरिका → अमेजन → पम्पास → लानोस → लाप्लाटा
- ऑस्ट्रेलिया → मरे-डार्लिंग बेसिन
पर्वत: विश्व की सर्वोच्च चोटी — एवरेस्ट; सबसे लंबी महाद्वीपीय श्रेणी — एंडीज; युवा वलित — हिमालय; प्राचीन — अरावली।
पठार: विश्व का सबसे ऊँचा व बड़ा पठार — तिब्बती; भारत का प्रमुख — दक्कन; खनिज — छोटानागपुर; ग्रैंड कैन्यन — कोलोराडो; एंजेल जलप्रपात — गुयाना।
मैदान: पश्चिम साइबेरियाई (सबसे बड़ा), इंडो-गंगा-ब्रह्मपुत्र (सर्वाधिक आबादी), उत्तर चीन (हुआंग हो), ग्रेट प्लेन्स, पम्पास, लानोस, अमेजन; भारत में भाबर, तराई, बांगर, खादर।